पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नर्सरी दािखले पर कोर्ट में सुनवाई आज

नर्सरी दािखले पर कोर्ट में सुनवाई आज

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नर्सरीदाखिला प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में मंगलवार को शिक्षा निदेशालय की ओर से स्टे की मांग की गई। कोर्ट ने याचिका पर सोशल ज्यूरिस्ट का पक्ष भी सुना। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि कोर्ट के समक्ष उन्होंने दलील दी कि कोर्ट द्वारा पूर्व के फैसले में स्कूलों को फ्री हैंड देना गलत है। इससे दाखिले में सौदेबाजी होगी। स्कूल अपने- अपने हिसाब से गाइडलाइन तय करेंगे, जो गलत है और कोर्ट पहले ही शिक्षा के व्यवसायीकरण के विरोध में रहा है। अग्रवाल बताते हैं कि कोर्ट ने हमारी दलील सुनकर फैसला रिजर्व रख लिया है, अब बुधवार को फिर सुनवाई होगी। उम्मीद है कि कोर्ट बुधवार को नर्सरी दाखिले पर अपना फैसला सुनाए।

बता दें कि इससे पहले निजी स्कूलों की सबसे बड़ी संस्था नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एनपीएससी) ने स्कूलों से सहमति के आधार पर नर्सरी फॉर्मूला तैयार कर दाखिले की गाइडलाइन जारी कर दी हैं। इस पर एनपीएससी की अध्यक्ष अमिता मूला वट्टल ने कहा कि कोर्ट का निर्णय ही आखिरी निर्णय होगा।





अगर शिक्षा निदेशालय की याचिका पर कोर्ट नर्सरी दाखिले पर कोई निर्देश जारी करेगा तो उसी के अनुरूप आगे गाइडलाइन में बदलाव किए जाएंगे। फिलहाल 20 दिसंबर 2014 से 20 जनवरी 2015 के बीच में स्कूल 15 दिन फॉर्म देने और जमा करने के लिए निर्धारित करेंगे।



एनपीएससी द्वारा जारी दाखिला शेड्यूल में हर स्कूल अपने मुताबिक शेड्यूल बनाएंगे। दाखिला सूची जारी करने के लिए भी स्कूल ही तिथि जारी करेंगे, जिसकी जानकारी वे वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेंगे। अमिता वट्टल कहती हैं कि शेड्यूल जारी समय कोर्ट की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें हम और देरी इसलिए नहीं कर सकते, क्योंकि मार्च में बोर्ड की परीक्षाएं होती हैं और उस दौरान अभिभावकों की भीड़ से परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न होता है। फॉर्मूले में इस बात का ध्यान रखा गया है कि गाइडलाइंस छात्र, अभिभावक और स्कूलों के अनुकूल और पारदर्शी हो।