सस्ते घरों के लिए फंड दे ईपीएफओ : पीएमओ
प्रधानमंत्रीकार्यालय (पीएमओ) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) को सस्ते आवास के लिए फंड मुहैया कराने का सुझाव दिया हैै। ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड की 19 दिसंबर की बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। ईपीएफओ के बड़े फैसले ट्रस्टी बोर्ड ही लेता है। सस्ता आवास सरकार की प्राथमिकता में है। इसके अलावा होम लोन में जोखिम भी कम होता है।
पीएमओ ने कहा है कि पीएफओ अपने कोष का 15 फीसदी सस्ते आवास के लिए उपलब्ध कराए। अगर वह इसमें विफल रहता है तो बाकी बची राशि ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (आरआईडीएफ) और नाबार्ड के बांड में निवेश करनी चाहिए।
किन्हें होगा फायदा
अगरनियमों में इस तरह का बदलाव होता है तो कई कंपनियां ईपीएफओ के निवेश के योग्य हो जाएंगी। इनमें जीआईसी हाउसिंग, केनरा होम फाइनेंस, आईसीआईसीआई होम फाइनेंस और गृह फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।
ईपीएफओ को सरकारी प्रतिभूतियों के अलावा दोहरी एएए रेटिंग वाली कंपनियों के बांड में निवेश की इजाजत है। इसने हुडको, एचडीएफसी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, नेशनल हाउसिंग बैंक, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस, डीएचएफएल और इंडिया बुल्स हाउसिंग जैसी कंपनियों के बांड में निवेश कर रखा है। सरकार ने इसे 2005 में शेयर बाजार में 5 फीसदी फंड के निवेश की इजाजत दी थी। इसे 2008 में बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया था। लेकिन बाजार के जोखिम को देखते हुए ईपीएफओ शेयरों में निवेश नहीं करता है।
ईपीएफओ का नया प्रस्ताव
}एएप्लस या इससे बेहतर रेटिंग वाली निजी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में निवेश की इजाजत मिले
}इन कंपनियों में किसी सरकारी कंपनी की कम से कम 25 फीसदी होल्डिंग होनी चाहिए
}इनमें किसी अन्य दोहरी एएए रेटिंग वाली कंपनी की 25 फीसदी होल्डिंग होने पर भी निवेश संभव
पीएमओ के सुझाव
}ईपीएफओ अपने फंड का 15 फीसदी सस्ते आवास के लिए मुहैया कराए
} इससे 70,000 करोड़ मिलेंगे, इस पैसे से 3.5 लाख सस्ते घर बन सकते हैं
} बीमा-पेंशन फंड अपने कोष का 15 फीसदी दें तो 2.3 लाख करोड़ मिलेंगे
}इतनी रकम से 11.5 लाख सस्ते घरों का निर्माण किया जा सकता है
अभी कहां है निवेश