दिलदार दिल्ली, 67% वोटिंग
अनुमानों में पहली बार मोदी फेल, दिल्ली में आप की सरकार
{दिल्ली विधानसभा चुनाव में बना वोटिंग का नया इतिहास, नेताओं से ज्यादा जनता में दिखा जोश
भास्करन्यूज|नई दिल्ली
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजय रथ रुकता दिख रहा है। मतदान के बाद जारी सारे एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को बहुमत बताया गया। इससे पहले दिल्ली की जनता ने विधानसभा में 67.1 प्रतिशत वोटिंग के साथ नया इतिहास बना ड़ाला। केवल आंकड़ों से बल्कि इस बार लोगों ने चुनावों में भी बेहद हमलावर राजनीतिक तेवर देखे।
चुनाव के लिए शनिवार को 67.1 फीसदी वोट पड़े। 4 दिसंबर, 2013 को हुए मतदान 65.63 से डेढ़ प्रतिशत अधिक। पिछले चुनाव में बीस साल का रिकॉर्ड टूटा था और महज 14 महीने के भीतर दिल्ली ने मतदान का नया रिकॉर्ड बना दिया। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रभूषण ने मतदान का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई है। उशाम छह बजे के बाद भी अलग-अलग इलाकों के दर्जनभर बूथों पर सैकड़ों लोग लाइन में लगे हुए थे, रात 8 बजे बाद भी इन केंद्रों पर मतदान जारी था। नतीजे 10 फरवरी को आएंगे। सुबह 10 बजे से रुझान मिलने लगेंगे।
राष्ट्रीयराजनीति पर भी पड़ेगा नतीजों का असर
एकसर्वे में तो भाजपा को पिछली बार से आधी सीटों पर सिमटती बताया है। वहीं, कांग्रेस का पत्ता साफ होता दिख रहा है। कांग्रेस 2013 से भी बुरी स्थिति में है। यानी दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही होंगे। हालांकि भाजपा ने सर्वे को गलत बताते हुए दावा किया है कि सरकार वही बनाएगी। यदि भाजपा दिल्ली विधानसभा में हारती है तो लोकसभा चुनाव के बाद यह उसकी पहली हार होगी। दिल्ली में पिछले 16 साल से सत्ता से बाहर चल रही भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा और आप में कांटे के मुकाबले का असर प्रचार में तो दिखाई दिया ही। मतदान के दिन भी राजनीतिक पारा काफी गर्म रहा। नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। सीधी लड़ाई भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच मानी जा रही है और चुनाव परिणाम की छाप राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकती है। चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि पार्टी की हार इस साल के आखिर में बिहार में और 2016 में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव विपक्ष को ताकत प्रदान कर सकती है।
से का आत्मविश्वास बढ़ेगा, वहीं पार्टी की हार विपक्ष को ताकत प्रदान कर सकती है। इस चुनाव के परिणाम को कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर जनमत संग्रह के तौर पर देख रहे हैं तो भाजपा इस बात को खारिज कर चुकी है।
कांग्रेस 04
आप 31
भाजपा 35
^जो आंकड़े एग्जिट पोल बता रहे हैं, नतीजे भी वैसे ही होंगे। अब हम नतीजों तक ईवीएम की निगरानी करेंगे, ताकि भाजपा वाले इन्हें बदल सकें। - अरविंद केजरीवाल
00-02 कांग्रेस
00 कांग्रेस
25-33 भाजपा
17 भाजपा
38-46 आप
53 आप
इंडिया टीवी सी वोटर
इंडिया न्यूज
03-05 कांग्रेस
19-27 भाजपा
38-46 आप
इंडिया टुडे सिसेरा
00 कांग्रेस
01-03 कांग्रेस
22 भाजपा
25-29 भाजपा
48 आप
39-43 आप
आज तक चाणक्य
न्यूज नेशन
01 कांग्रेस
26 भाजपा
43 आप
एबीपी नीलसन