- Hindi News
- भारत चीन : गर्मजोशी गायब, करार पर भारी सीमा की बेचैनी
भारत-चीन : गर्मजोशी गायब, करार पर भारी सीमा की बेचैनी
{भारत-चीन के बीच जमीन से अंतरिक्ष तक 12 समझौते
{चुमार में चार दिन से था गतिरोध, आमने-सामने थीं दोनों देशों की सेनाएं
एजेंसी| नई दिल्ली
चीनकेराष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा का दूसरा दिन। दोनों देशाें के बीच 12 करार हुए। कैलाश मानसरोवर के लिए नया रास्ता खोले जाने पर सहमति बनी। करीब 1200 अरब रुपए का निवेश करने पर चीन राजी हुआ। बुलेट ट्रेन चलाने, रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने पर सहयोग की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन आने का न्यौता भी मिला। लेकिन सीमा विवाद पर ‘बेकरारी’ रही। यानी दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता, सहमति। हालांकि, दो टूक शब्दों में जताए गए मोदी के ऐतराज के बाद गुरुवार देर रात चीन की सेना चुमार से लौटने लगी। हालांकि, डेमचोक में गतिरोध 12वें दिन भी बरकरार रहा। यहां चीनी सैनिक भारतीय सीमा में 500 मीटर अंदर मौजूद हैं। इससे पहले लेह-लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के सामने थे। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। और इधर दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई शिखर वार्ता में भी कुछ यही हाल रहा। इसीलिए अहमदाबाद में एक दिन पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच जो गर्मजोशी थी, वह नदारद रही। बातचीत में सीमा विवाद छाया रहा। बॉडी लैंग्वेज में भी इसका साया दिखा। और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी। संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं हो पाया। मोदी और जिनपिंग साथ बैठे। लेकिन बोले अलग-अलग सुरों में।
{मोदीने जिनपिंग के साथ डिनर में भी उठाए चीनी घुसपैठ पर सवाल: पेज-3
{अब कार से कैलाश मानसरोवर जाइए: पेज-13
^अरुणाचल का कोई व्यक्ति भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं था। यह दिखाता है कि हम चीन के संवेदनशील मामलों में बहुत ही ज्यादा गंभीर होते हैं। हम अपने हितों को कुछ समय के लिए किनारे रखकर विवाद से बचते हैं। यदि इस मुलाकात के दौरान अरुणाचल का कोई प्रतिनिधि शामिल होता तो शायद बेहतर होता। कूटनीतिक दृष्टि से भारत का पक्ष मजबूत होता। -सी उदय भास्कर, विदेशमामलों के जानकार
दोपहर 2 बजे : जल्द सुलझे सीमा विवाद
मोदीने कहा, ‘सीमा पर हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं। विवाद जल्द सुलझना चाहिए। वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। दोनों देशों के बीच जो भी सहमति बने, उसका दृढ़ता से पालन होना चाहिए।’
दोपहर2:45 बजे : ज