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प्लास्टिक के थैलों पर पूरी तरह प्रतिबंध मुमकिन नहीं लगता: सरकार

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली| सरकारने गुरुवार को कहा कि प्लास्टिक के थैलों के उत्पादन और इस्तेमाल पर फिलहाल पाबंदी असंभव लगती है, लेकिन वह ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल को रोकने के लिए विधेयक लाने के सुझाव पर विचार कर सकती है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा, ‘फिलहाल प्लास्टिक बैग पर पूरी तरह प्रतिबंध मुमकिन नहीं लगता। सरकार का देश में प्लास्टिक बैग के उत्पादन और इनके इस्तेमाल पर पाबंदी का कोई प्रस्ताव नहीं है।





हालांकि 40 माइक्रोन से कम पतले प्लास्टिक बैग के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पाबंदी है।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘सरकार इसे गंभीरता से लेती है और इस दिशा में कुछ कदम उठाए गए हैं जिनसे काफी नियमन हुआ है।’ मंत्री ने प्लास्टिक के थैलों पर रोक के लिए विधेयक लाने के जदयू नेता शरद यादव के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा, ‘यह अच्छा सुझाव है और हम इस पर विचार करेंगे।’ जदयू नेता ने कहा कि प्लास्टिक के थैलों के इस्तेमाल के मामले में कड़ाई से निपटना चाहिए और जरूरत पड़ने पर इस तरह के उत्पादों की निर्माण इकाइयों को बंद किया जाना चाहिए।



रिजिजू ने कहा कि सरकार वातावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के थैलों की जगह जूट और कागज के थैलों जैसे विकल्प को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के थैलों और इस तरह के कचरे के वातावरण पर प्रभाव का कई समितियों ने अध्ययन किया है। रिजिजू ने कहा कि कछ राज्यों ने प्लास्टिक बैग पर पूरी तरह पाबंदी लागू कर रखी है, कुछ ने आंशिक पाबंदी लगाई है और कुछ ने किसी तरह का प्रतिबंध इन पर नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, ‘सिक्किम, नगालैंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, दिल्ली और अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप तथा चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेशों ने प्लास्टिक के थैलों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा रखी है।’