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नतीजों के बाद सब सक्रिय

6 वर्ष पहले
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उम्र के आधार पर ऐसे स्विंग हुए वोट

3 बड़ी जीत जिनकी चर्चा अब बेमानी

24 साल: यानी दिल्ली बनने के बाद किसी भी पार्टी की सबसे बड़ी जीत

आप ही आप

{भाजपा-कांग्रेस के सीएम प्रत्याशी हारे

{14 को कुर्सी छोड़ी, अब 14 को ही शपथ लेंगे केजरीवाल

विजयी भाषण- भाजपा, कांग्रेस जैसे अहंकार मत करना, वर्ना 5 साल बाद हमारी भी ऐसी दुर्गति होगी

भास्करन्यूज नेटवर्क | नई दिल्ली

असलीजनादेश तो यही है। दिल्ली की जनता ने मानो केजरीवाल से कह दिया- आप चाहते थे ना कि आपको पूर्ण बहुमत मिले। पांच साल का मौका मिले। लो दिया। अब दिखाओ काम करके। वाकई। ये अकल्पनीय जनादेश है। आम आदमी पार्टी ने ऐसी जीत की कल्पना की थी। भाजपा को ऐसी हार की आशंका होगी। और ही कांग्रेस ने कभी शून्य सोचा होगा। ऐसा पहली बार हुआ जब दोनों बड़ी राष्ट्रीय दलों के सीएम उम्मीदवार चुनाव हार गए। कांग्रेस के तो तीसरे नंबर पर पहुंच गए। यह भी पहली बार हुआ कि 129 साल पुरानी कांग्रेस के 63 नेता जमानत गंवा बैठे। और ऐसा पहली बार ही हुआ जब 13 साल से अजेय मानी जा रही मोदी-शाह की जोड़ी मटियामेट हो गई। 14 फरवरी 2014 को जिस गर्वोक्ति के साथ केजरीवाल ने इस्तीफा दिया था, अब उसी गर्व के साथ 14 फरवरी 2015 को शपथ लेंगे। बहरहाल, मोदी की स्वघोषित प्रचंड हवा से धूज रहे नीतीश-लालू, मुलायम, ममता सरीखे नेताओं की बांछे खिल गई हैं। वे ये सोचकर खुश हैं कि अपने राज्यों में चुनाव से पहले हवा का रुख बदल गया है।

पूर्व विधायकों ने फिर मारी बाजी... पेज03

पहचानिए अपने 70 विधायकों को... पेज02

मोदी-शाह की जोड़ी 13 साल में पहली बार कोई चुनाव हारी ... पेज04 पर

यही दो आयु वर्ग निर्णायक होते हैं।

25 से 40 आयु वर्ग

भाजपा

आप

आप

भाजपा

कांग्रेस

कांग्रेस

15%

9%

38%

33%

48%

56%

12%

8%

38%

30%

50%

58%

कांग्रेस

कांग्रेस

आप

भाजपा

भाजपा

आप

18 से 24 वर्ष

18 से 24 वर्ष

2014 लोकसभा चुनाव

2015 विधानसभा चुनाव

पार्टी दफ्तर जाने से पहले ‘बच्चा केजरीवाल’ के संग सेल्फी।

जीत का इतना गुमान कर बेखबर, तेरी जीत से ज्यादा मेरी हार के चर्चे हैं।

मोदी (फेक ट्वीट)

इस बार हर पार्टी की मुराद पूरी। आप: हमारी सरकार बने। भाजपा: कांग्रेसमुक्त दिल्ली। कांग्रेस: भाजपा काे सत्ता मिले।

जीत का आलिंगन : प|ीने गले लगकर दी केजरीवाल को बधाई।

सबसे बड़ी जीत आपके महिंद्र यादव की 77665 वोट से।

सबसेछोटी जीत आपके कैलाश गहलोत की 1555 वोट से।

आगे क्या

{केजरीवालकेंद्र सरकार के बीच रस्साकशी तय।

{आप के वादे 1 लाख करोड़ के, पैसे कहां से आएंगे?

{इस साल बिहार, अगले साल बंगाल चुनाव में अरविंद केजरीवाल का असर रहेगा।

31 सीटेंमिलीं जो 2013 में भाजपा के पास थीं। कांग्रेस की 7 सीटों पर भी कब्जा जमाया।

139% सीटेंबढ़ीं। 24% वोट शेयर बढ़ा पिछले विस चुनाव से। आम चुनाव में 33% वोट।

भाजपा का भी यारो अजीब गम है। पहले चार कम थे... अब चार से भी कम हैं। -सोशलमीडिया से

ये मेरी प|ी हैं। ये कभी भी सामने नहीं आतीं। क्योंकि ये सरकार में काम करती हैं। इन्हें डर रहता है कि इनके खिलाफ एक्शन हो जाए। आज खींच के ले अाया। कहा डरो मत सरकार अबकोई एक्शन नहीं लेगी। -केजरीवाल

विश्वास नगर सीट पर कब्जा। आप के अतुल गुप्ता को 10158 से हराया।

रोहिणी सीट से 5367 वोट से जीते। यह भाजपा की पारंपरिक सीट है।

मुस्तफाबाद सीट से कांग्रेस के हसन अहमद को 6031 वोट से हराया।

जीत का अंतर सीटें आप को

10000से 25000 25 24

25000 से 50000 30 सभी

50000 से ज्यादा 6 सभी

{मोदी का केजरीवाल को फोन। दोनों में पहली बार बात हुई। मोदी ने बधाई दी और चाय पर बुलाया। केजरीवाल ने हामी भरी।

{ केजरीवाल ने गृह मंत्री, राष्ट्रपति को फोन लगाया। मिलने का वक्त मांगा। मंजूरी मिली। दिल्ली पुलिस पर अधिकार को लेकर करेंगे बात।

{ शाम को केजरीवाल ने विधायकों संग मीटिंग की। वे नेता चुने गए। 14 को रामलीला मैदान में शपथ होगी। मोदी को भी बुलावा भेजा।

{ अन्ना ने केजरीवाल को बधाई दी। कहा- अब ड्रामा मत करना। किरण के बारे में बोले- बेदी नहीं हारी, मोदी हारे हैं।

6 महिलाएं और 4 मुस्लिम जीते... सभी आप के

100% सीटें कम हुई 14 माह में। जबकि 79% सीटें कम हुई थी आम चुनाव में। यानी 129 साल का सबसे खराब प्रदर्शन।

15% गिरा वोट कम हुए पिछले विस चुनाव की तुलना में। सीएम दावेदार माकन की जमानत जब्त।

24 मंत्री, 120 सांसद, 50 नेता, पीएम, अध्यक्ष मैदान में उतरे।

91% सीटें गंवा बैठे फिर भी। 14 महीने में ही हुआ ये हाल।

57 सीटों पर बढ़त गंवाई। आम चुनाव में 60 सीटों पर बढ़त थी।

62सीटों पर नंबर-टू रही

मैं जिम्मेदारी लेता हूं। महासचिव पद से भी इस्तीफा देता हूं।

- अजय माकन

मैं हारी नहीं हूं। हार के बारे में जानना है तो भाजपा से पूछो।

- किरण बेदी

हारके बाद हार्वर्ड जाने पर चुप्पी साधी

अभिव्यक्ति पेज पर पढ़िये नतीजों पर 5 सटीक विश्लेषण

दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजे

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