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गैर पारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देगा वैश्विक निवेशक सम्मेलन
60 देश के 2000 से अधिक प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा, प्रधानमंत्री 15 फरवरी को करेंगे उद्घाटन
अभिलाषखांडेकर | नई दिल्ली
देशमें गैर पारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने, नई-नई तकनीकों को समझने और इस क्षेत्र में काफी बड़ा निवेश आकर्षित करने के लिए पहली बार भव्य स्तर पर एक वैश्विक निवेशक सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में करीब 60 देशों के 2000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्रीय गैर पारंपरिक ऊर्जा विभाग के सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं जल विद्युत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सम्मेलन में विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे और निवेशकों के लिए नए द्वार खोलेंगे।
केंद्रीय ऊर्जा और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि 3000 मेगावाट की देश की वर्तमान सौर ऊर्जा उत्पादन सीमा को 2022 तक एक लाख मेगावाट तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही पवन ऊर्जा को 22000 से 60000 मेगावाट तक ले जाने के लिए अनेक स्तरों पर कार्य चल रहा है। ‘विश्व के पहले सबसे बड़े बैंकर्स, ऊर्जा विशेषज्ञ, निजी निवेशक सरकारी अफसरों के इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी को विज्ञान भवन में करेंगे। गोयल ने कहा कि पर्यावरण की बढ़ती चिंता के चलते विश्व में जिस तरह अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिया जा रहा है उसी तरह भारत भी स्वच्छ ऊर्जा का अपना हिस्सा बढ़ाने के लिए आतुर है। नवीन नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत पिछड़ा देश माना जाता है। इसी कारण जर्मनी जैसे इस क्षेत्र में विकसित देश के विशेषज्ञों को यहां आमंत्रित किया गया है ताकि उनसे तकनीक को समझकर उसका आयात किया जा सके।
गोयल ने कहा कि अगले पांच वर्षोें में इस क्षेत्र में भारत छह लाख करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद लगाए है और उनका मंत्रालय इसी दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। ‘खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय में व्यक्तिगत रुचि लेकर जल्द से जल्द देश को ऊर्जा-स्वावलंबी बनाना चाहते हैं।’ गोयल ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के स्थान पर नरेंद्र मोदी कहते हैं ‘हमारे पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का दबाव हमने ही स्वयं बना रखा है।’
दिल्लीको इनवर्टर-मुक्त राजधानी’ बनाने का कार्यक्रम जारी रहेगा
एकप्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के जीतने से उनके विभाग का दिल्ली को ‘इनवर्टर-मुक्त राजधानी’ बनाने का कार्यक्रम अबाधित ही रहेगा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हो, अखिलेश यादव या फिर नवीन पटनायक, उनके रिश्ते सभी से मधुर हैं और वे सभी राज्यों को साथ लेकर देश में विद्युत उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित करने का इरादा रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित डाभोल विद्युत परियोजना जो ठंडे बस्ते में चली गई थी, के भी अगले कुछ माह में चालू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि देशभर में विद्युत ग्रिड सुधारने, उसमें नई तकनीकों का उपयोग करने जहां ग्रिड उपलब्ध नहीं है, वहां तक पहुंचाने के लिए उनका मंत्रालय तेजी से कार्य कर रहा है।
पीयूष गोयल