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निगम से ली सेवाओं को वित्तीय ग्रांट सहित वापस करे दिल्ली सरकार: सुभाष आर्य

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। दक्षिणीनगर निगम में स्थायी समिति के अध्यक्ष सुभाष आर्य ने एकीकृत निगम के समय में दिल्ली सरकार द्वारा ली गई सेवाओं को लौटाने की मांग की है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार तीनों नगर निगमों को ग्रांट के साथ वह सेवाएं वापस लौटाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें संविधान के 74वें संशोधन की भावना के अनुरूप कार्य करने को कहा है। आर्य ने कहा कि विगत 15 वर्षों से निगम की शक्तियों एवं सेवाओं को तत्कालीन सरकारों ने दिल्ली सरकार को हस्तांतरित किया जिनमें सभी प्रमुख सड़कें, स्लम, ग्रामीण विकास, अनधिकृत कॉलोनियों का विकास, जल बोर्ड, अग्निशमन विभाग इत्यादि सम्मिलित हैं।





उन्होंने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि वे इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित करके निगम के अधिकार निगम को वापस करें और उस संदर्भ में वित्तीय ग्रांट को भी जारी करें। 2012 में निगम के विभाजन से तथा विभिन्न सेवाओं के दिल्ली सरकार द्वारा निगमों से ले लेने वित्तीय ग्रांट बंद करने से नगर निगमों की वित्तीय स्थिति काफी खराब हुई है। विभाजन के समय दिल्ली सरकार यह वायदा किया था कि तीनों निगमों को ऋण मुक्त करके तीन भागों में बांटेंगे जो नहीं किया। इसके साथ ही म्युनिसिपल रिफार्म्स फंड की राशि विकास कार्यों के ग्रांट तथा ग्लोबल शेयर की राशि जारी नहीं की। इसी का परिणाम है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम तथा उत्तरी दिल्ली नगर निगम में वित्तीय संकट उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को इस संदर्भ में तुरंत कार्रवाई करते हुए निगमों के सशक्तिकरण अधिकार वित्तीय ग्रांट के साथ निगम को वापस करें जो कि निगमों का संवैधानिक अधिकार भी है। आर्य ने तीनों नगर निगमों को एकीकृत कर और अधिक सशक्त करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे दिल्ली के एकीकृत विकास में सहायता मिलेगी।