दो अधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश
दो अधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश
नई दिल्ली | चिटफंडमामले में आरोपपत्र दाखिल करने में विलंब पर एक स्थानीय अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और अभियोजन निदेशक से एक जांच अधिकारी और विधि अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने को कहा है। मजिस्ट्रेटी अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने को चुनौती देते हुए साजिश और विश्वास भंग के अपराधों का मुकदमा झेल रहे चार आरोपियों की ओर से दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर फैसला आया। मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के खिलाफ आरोपियों ने सत्र अदालत का रुख किया था। आईओ की ओर से उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने में करीब तीन वर्ष की देरी के आधार पर उन्हें मुकदमे का सामना करने के लिए जारी आदेश को चुनौती दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट के आदेश को खारिज कर दिया।
और दिल्ली पुलिस आयुक्त तथा अभियोजन निदेशक को अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में देरी को लेकर जांच करने को कहा है। न्यायाधीश ने कहा, ‘इसके मुताबिक, इस आरोपपत्र को दायर करने में देरी का औचित्य तलाशने के लिए अभियोजन के साथ ही आईओ द्वारा निभाई गई भूमिका की जांच के लिए मामला पुलिस आयुक्त, अभियोजन निदेशक को भेजा जाता है।’ अदालत ने आरोपी सुरेंद्र कुमार शुक्ला, उनकी प|ी और उनके दो रिश्तेदारों द्वारा दाखिल पुनरीक्षण पर फैसला करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की।