कोर्ट ने डीटीसी का आदेश निरस्त किया
नई दिल्ली। शहरकी एक अदालत ने बसों में बेटिकट यात्री मिलने पर इन बसों के संवाहकों पर जुर्माना लगाने के दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि संवाहकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का डीटीसी का फैसला ऐसी बैठक में किया गया, जिसमें न्यूनतम अनिवार्य सदस्य संख्या भी पूरी नहीं थी। कानून की नजर में यह बैठक ‘अवैध और अनुचित’ है।
डीटीसी ने पिछले साल दिसंबर में बेटिकट यात्री मिलने पर उस बस के संवाहक पर जुर्माना दस से बढ़ाकर प्रति बेटिकट यात्री 75 रुपये करने का नियम शुरू किया था। डीटीसी का कहना था कि इस नियम से लापरवाह कर्मचारी अनुशासन में रहेंगे और राजस्व भी एकत्रित होगा। डीटीसी को उसके इस फैसले पर आड़े हाथ लेते हुए दीवानी अदालत के न्यायाधीश किशोर कुमार ने कहा, ‘जुर्माना राशि बढ़ाकर 75 रुपये करके संवाहकों से धन वसूल करने का प्रतिवादी डीटीसी द्वारा उठाया गया कदम सेवाशर्तों तथा श्रम कानून के विपरीत है।’ निगम कर्मचारियों के संगठन ‘डीटीसी एम्प्लोइज कांग्रेस’ ने आरोप लगाया कि तीस हजारी दीवानी अदालत का आदेश पिछले महीने दो अगस्त को आया था लेकिन डीटीसी अब भी संवाहको पर 75 रुपये का जुर्माना लगा रहा है।