आम आदमी पार्टी के निशाने पर एलजी
दिल्लीमें विधानसभा चुनाव कराने की मांग पर अड़ी आम आदमी पार्टी के निशाने पर अब उप-राज्यपाल नजीब जंग गए हैं। आम आदमी पार्टी ने सीधे-सीधे उप-राज्यपाल की नैतिकता पर सवालिया निशान लगाते हुए आरोप लगाया है कि संवैधानिक पद पर बैठने के बावजूद उप-राज्यपाल दिल्ली में असंवैधानिक तरीके से भाजपा की सरकार बनवाने पर अामादा हैं। आम आदमी पार्टी ने इन्हीं मुद्दों पर उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर पांच सवालों का जवाब मांगा है।
बता दें कि उप-राज्यपाल नजीब जंग ने 4 सितंबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्यौता देने की अनुमति मांगी थी। इसी के परिप्रेक्ष्य में आम आदमी पार्टी ने उप-राज्यपाल को पत्र लिखते हुए पूछा है कि जब पिछले साल 12 दिसंबर को भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने कहा था कि बहुमत होने पर वह विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे। तो क्या अब भाजपा अपने स्टैंड से पलट गई है? इसी तरह दूसरे सवाल के तहत एलजी से पूछा गया है कि जब पहले विधायकों की संख्या कम होने का हवाला देकर बीजेपी सरकार बनाने में असमर्थता जाहिर कर चुकी है तो फिर बीजेपी को सरकार बनाने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा करने से क्यों छूट दे रहे हैं? पिछले साल दिसंबर में आम आदमी पार्टी की सरकार गठन के दौरान 36 विधायकों का समर्थन पत्र मिलने के बाद ही सरकार बनाने की अनुमति दी गई थी, तो ऐसे में बीजेपी के लिए मानदंड में क्यों बदलाव किया जा रहा है? बीजेपी से भी क्यों नहीं सभी 36 विधायकों का समर्थन पत्र मांगा जा रहा है? फरवरी में केजरीवाल के इस्तीफा के दौरान बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी, तो उस दौरान उसे सरकार बनाने का न्यौता क्यों नहीं दिया गया? सात महीने तक क्यों इंतजार किया गया?
सबूतके बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
आपने आरोप लगाया है कि भाजपा के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त के अनेक सबूत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। संवैधानिक पद पर बैठक कर एलजी असंवैधानिक तरीके से सरकार गठन की अनुमति नहीं दे सकते हैं। विधायकों को रिश्वत देने के बीजेपी के प्रयासों के तमाम सबूत संबंधित अधिकारियों को सौंपे जाने के बावजूद गैर-कानूनी तरीके से बीजेपी की सरकार बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।