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फ्लाईओवर ज्वाइंट बदलने का काम मॉड्यूलर स्लैब सील तकनीक पर
फ्लाईओवर ज्वाइंट बदलने का काम मॉड्यूलर स्लैब सील तकनीक पर
नई दिल्ली | आश्रमचॉक फ्लाईओवर के दोनों तरफ के कैरिज-वे के 10 विस्तार जोड़ बदलने का कार्य जल्दी पूरा करने के लिए लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तेजी से काम कर रहा है। विभाग के सचिव अरुण बरोका ने बताया कि फ्लाईओवर के विस्तार जोड़ बनाने की तकनीक स्लैब सील का प्रचलन अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। क्योंकि इससे विस्तार जोड़ों के बीच दूरी आने लगती है और साथ ही साथ आजकल ठेकेदार इस तकनीक के बजाय मॉड्यूलर स्लैब सील का इस्तेमाल करते हैं।
इस तकनीक के जरिए मजबूती के साथ-साथ कार्य कम समय में पूरा हो जाता है।
बरोका ने बताया कि इस कार्य की प्रथम चरण में शुरुआत पिछले महीने 22 तारीख को हुई थी। शुरुआत में इस कार्य की समय सीमा 4 महीने (दो-दो महीने फ्लाईओवर के प्रत्येक मार्ग के लिए) रखी गई थी। साथ ही इस बात का ध्यान रखा गया था कि इस पुल पर यातायात बाधित हो इसके लिए फ्लाईओवर की एक ओर मरम्मत कार्य चलता रहे और दूसरी तरफ ट्रैफिक की आवाजाही बनी रहे। हमने इस पुल की मरम्मत के लिए पुरानी स्लैब सील तकनीक के बजाए मॉड्यूलर तकनीक का इस्तेमाल किया, इसमें अतिरिक्त मशीनरी और 24 घंटे काम की अवधि बढ़ाने से पहला, आधे मार्ग (डीएनडी बाध्य लेन) पर विस्तार जोड़ों काे बनाने का कार्य 16 दिन के भीतर पूरा कर लिया गया। अगला कैरिज-वे पर विस्तार जोड़ों के बनाने का कार्य इस महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रैपिड हार्डनिंग कंक्रीट की नई तकनीक के इस्तेमाल से विस्तार जोड़ों को बनाने का कार्य बहुत तेजी के साथ पूरा होता है, इससे पुल पर यातायात कम समय के लिए बंद करना पड़ता है। पहले की तकनीक के जरिए 30 एमपीए की ताकत की विस्तार जोड़ो को बनने में 07 दिन लगते थे, अब नई तकनीक के जरिए से यह कार्य 3 से 4 दिन में पूरा हो जाता है। इसलिए यह काम चार की बजाए 2 महीने में पूरा हो जाएगा।