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योजना आयोग ने राज्यों से उनकी वार्षिक योजना का प्रस्ताव मांगा
एजेंसी, नई दिल्ली| योजनाआयोग ने चालू वित्त वर्ष के लिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सालाना योजना के लिए उनसे प्रस्ताव मांगे हैं ताकि केंद्र उसके क्रियान्वयन के लिए कोष जारी कर सके। आयोग ने निर्धारित लक्ष्य हासिल करने तथा योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी के लिए राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से योजना कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी पर नजर रखने को कहा है। योजना सचिव द्वारा राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2014-15 के लिये आपके राज्य की सालाना योजना के लिये प्रस्ताव भेजने का अनुरोध है।
सूत्रों के अनुसार आयोग ने प्रस्तावों पर जल्दी जवाब मांगा है क्योंकि केंद्र के व्यय व्यय दिशानिर्देश के तहत राज्यों को आवंटित राशि खर्च करना मुश्किल होगा। दिशानिर्देश में यह प्रावधान है कि राज्य कुछ आवंटित राशि का 33 प्रतिशत से अधिक वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में तथा 15 प्रतिशत से अधिक अंतिम माह में खर्च नहीं कर सकते। अब तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सालाना योजनाओं पर संबंधित राज्य के मुख्यमंत्रियों की आयोग के उपाध्यक्ष के साथ बैठक के बाद निर्णय किया जाता था। हालांकि आयोग का गठन नहीं होने से सालाना योजनाओं को अंतिम रूप योजना आयोग के अधिकारी दे रहे हैं। वित्त वर्ष 2014-15 के केंद्रीय बजट में योजना खर्च 5.75 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। योजना व्यय में राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिये 3.38 लाख करोड़ रुपए की कुल केंद्रीय सहायता शामिल हैं।