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7 वर्ष पहले
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ऐसाभी संभवत: पहली बार ही हुआ है जब देश के किसी प्रधानमंत्री ने किसी राष्ट्र प्रमुख की अगवानी दिल्ली से बाहर की हो। अब गुरुवार को नई दिल्ली में मोदी और जिनपिंग के बीच औपचारिक बातचीत होगी। इस दौरान भारत-चीन के बीच कई करार पर दस्तखत होंगे।

पहलीबार इतना भव्य स्वागत

>जिनपिंगदोपहर करीब ढाई बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर राज्यपाल ओपी कोहली और मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने उनकी अगवानी की।

>जिनपिंग के लिए अहमदाबाद की सड़कों खास मंदारिन भाषा में भी पोस्टर लगाए गए हैं।

>हयात होटल में मोदी ने जिनपिंग और उनकी प|ी पेंग लुआन का स्वागत किया। मोदी-जिनपिंग के बीच यहां संक्षिप्त बैठक हुई।

>जिनपिंग साबरमती आश्रम गए। वहां उन्होंने चरखा चलाया। वहां महात्मा गांधी के जीवन के बारे में खुद मोदी ने जिनपिंग को जानकारी दी। उन्हें श्रीमद्भगवत गीता, गांधी की किताबें और प्रतीकात्मक चरखा तोहफे में दिया।

>इसके बाद जिनपिंग को लेकर मोदी साबरमती रिवर फ्रंट पहुंचे। वहां चीनी राष्ट्रपति के स्वागत में गुजरात के सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

>नदी किनारे ही मोदी की मेजबानी में 22 वीवीआईपी के साथ जिनपिंग को दावत दी गई। इसमें गुजरात के 100 से ज्यादा व्यंजन परोसे गए।

चीनदुनिया की फैक्टरी तो भारत बैक ऑफिस : जिनपिंगका एक संपादकीय बुधवार को भारत के एक अंग्रेजी अखबार में छपा। इसमें उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी भारत यात्रा का फोकस विवाद नहीं, विकास रहेगा। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों का साझा मकसद है, च्अपने-अपने देश की मजबूती और खुशहाली। चीन अगर च्दुनिया की फैक्ट्रीज् है तो भारत च्दुनिया का बैक ऑफिसज्। हम दोनों मिलकर प्रतिस्पर्धी उत्पाद और सबसे आकर्षक उपभोक्ता बाजार खड़ा कर सकते हैं।

आजइन पर हस्ताक्षर संभव

{जिनपिंगगुरुवार को नई दिल्ली में मोदी के साथ औपचारिक बातचीत करेंगे। इसमें सीमा विवाद का मुद्दा उठ सकता है। लेकिन द्विपक्षीय कारोबार पर बातचीत और करार तय हैं। {भारत का सबसे ज्यादा द्विपक्षीय कारोबार चीन के साथ ही है।अभी यह आंकड़ा 3,960 अरब रु. का है। {6,000 अरब रु. मूल्य के नए करार दोनों देशों के बीच हो सकते हैं। रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ज्यादा समझौते होने के आसार हैं। {मुंबई को शंघाई की तर्ज पर विकसित करने, पुणे में ऑटो पार्क बनाने सहित कई शहरों में चीनी निवेश के समझौते संभव