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कोयला खदानों का आवंटन रद्द करने के फैसले पर फिर विचार से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

7 वर्ष पहले
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सुप्रीमकोर्ट ने 218 में से 214 कोयला खदानों का आवंटन रद्द करने के फैसले पर फिर विचार करने से इनकार कर दिया है। टाटा स्टील समेत कई कंपनियों ने खदानों के आवंटन पर उन्हें एडजस्ट करने का अनुरोध किया था। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, ‘हम अपने फैसले पर फिर विचार नहीं करेंगे। हम पहले ही कह चुके हैं कि पूरी प्रक्रिया ही त्रुटिपूर्ण और अवैध थी। सभी आवंटन अवैध थे। इसलिए आपको इसके नतीजे भुगतने होंगे।’ कोर्ट ने 24 सितंबर को 1993 के बाद आवंटित 218 में से 214 खदानें का आवंटन रद्द कर दिया था। साथ ही 42 सक्रिय खदानों को टेकओवर करने के निर्देश केंद्र को दिए थे।

पांचफरवरी तक फाइनल स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश : सुप्रीमकोर्ट ने कोयला घोटाले की धीमी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। साथ ही सीबीआई को कोयला घोटाले की जांच 31 मार्च 2015 तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

फाइनल स्टेटस रिपोर्ट पांच फरवरी तक पेश करनी होगी। जांच एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट के सामने चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति मांगी थी। यह सुप्रीम कोर्ट ने दे दी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर रंजीत सिन्हा को जांच से दूर रहने को कहा था। कैग की एक रिपोर्ट के अनुसार कोयला ब्लॉक आवंटन में घोटाले से देश को 1.86 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।