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मथुरा में मिला कैब दुष्कर्म के आरोपी का आईफोन
{जीपीएस वाले आईफोन से मिलेंगे कई सबूत : पुलिस
एजेंसी| नई दिल्ली
दिल्लीकैबदुष्कर्म मामले के आरोपी ड्राइवर का आईफोन बरामद कर लिया गया है। यह उसके खिलाफ अहम सबूत साबित हा़े सकता है। अमेरिकी कैब कंपनी उबेर अपने कर्मचारियों को एप के साथ आईफोन देती है। इसके जरिए ही ऑनलाइन बुकिंग होती है। लेकिन आरोपी शिवकुमार यादव ने दुष्कर्म के बाद इसे छिपा दिया था। दिल्ली पुलिस फोन की तलाश में उसे मंगलवार रात मथुरा ले गई।
वहां से आईफोन बरामद कर लिया गया। पुलिस उसके तीन में से दो फोन पहले ही बरामद कर चुकी है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘यह आईफोन हमारे लिए अहम सबूत है। यह साबित करता है कि शिवकुमार उबेर के लिए काम करता था। यह भी साबित होगा कि शिवकुमार ही वह कैब चला रहा था, जिसे पीड़िता ने बुक किया था। पीड़िता ने जहां से कैब ली थी, उसका जीपीएस संकेत हमें मार्ग की पुष्टि करने में मदद पहुंचाएगा। इससे पता चलेगा कि अपराध स्थल पर कैब कब पहुंची और कब उसने पीड़िता को घर छोड़ा।’ शिवकुमार ने कंपनी के सिस्टम पर ग्राहक को उसके नियत स्थान पर पहुंचा देने का संदेश भेजा था।
पाबंदी लागू कराने के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारेाप शुरू
उबेरकैब सेवा पर पाबंदी लागू कराने में नाकामी के मुद्दे पर बुधवार को दिल्ली सरकार और यातायात पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने कहा कि उसके पास पाबंदी लागू करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं जबकि यातायात पुलिस ने कहा कि जिन्होंने इस कार्रवाई की घोषणा की है, वे उन्हें लागू करें। यह पूछे जाने पर कि पाबंदी लगने के तीन दिन बाद भी उबेर की कैब सड़कों पर कैसे चलाई जा रही हैं, इस पर परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया,‘हमने दिल्ली यातायात पुलिस से कहा है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में उबेर सहित वेब आधारित कैब सेवाओं पर लगी पाबंदी को तुरंत लागू करे।’
दिल्ली सरकार ने सोमवार को उबेर एवं अन्य ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगाई थी। उबेर के एक कैब ड्राइवर द्बारा गुड़गांव की एक निजी कंपनी में काम करने वाली 27 साल की युवती से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद यह पाबंदी लगाई गई थी। पाबंदी के बावजूद उबेर ने अपनी सेवाएं बंद नहीं की और उसकी ऐप आधारित टैक्सी बुकिंग सेवाएं जारी रही। यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने क