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संसद में उठा स्मृति ईरानी द्वारा ज्योतिषी से हाथ दिखाने का मुद्दा
एजेंसी | नई दिल्ली. कांग्रेसकेवरिष्ठ नेता शांताराम राव नाईक ने आज राज्यसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा पिछले दिनों एक ज्योतिषि से हाथ दिखाए जाने का मुद्दा उठाया। इस दाैरान पीठासीन सभापति से उनकी नोकझोंक भी हुई। नाईक के बचाव में सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा और तृणमूल कांग्रेस के सुखेंद्र शेखर राय सामने आए तथा उन्होंने संविधान का हवाला भी दिया। ईरानी ने जब सदन में वास्तुशिल्प एवं योजना विधेयक 2014 पेश किया तो उस पर चर्चा की शुरूआत करते हुए नाईक ने कहा कि मानव संसाधन विकासमंत्री स्मृति ईरानी ने पिछले दिनों एक ज्योतिष से अपना हाथ दिखाया जो एक शिक्षा मंत्री के रूप में आपने अपनी भूमिका नहीं निभाई जो उसकी संविधान ने आपको दी है।
वैज्ञानिक चेतना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि आप संविधान की रक्षक है और ज्योतिष के घर जाकर आपने हाथ दिखाया।
इससे आपने छात्रों के बीच क्या संदेश दिया।
मुझे यह देखकर बड़ी तकलीफ हुई क्यों कि आप देश की शिक्षा मंत्री हैं। इस पर पीठासीन सभापति सत्यनारायण जटिया ने नाईक से कहा कि आप विषय पर बोलिए। इस पर नाईक ने कहा वह क्या संविधान की बात करना विषय से नहीं जुड़ा है। उन्होंने जटिया से
कहा आप जिस सीट पर बैठे है वह संविधान से ही आपको प्राप्त हुआ है। इस पर जटिया बोले आप इस तरह की बात नहीं कीजिए। इस पर नाईक ने कहा कि वह इस तरह की ही बातें करेंगे। इस बीच कांग्रेस के आनंद शर्मा अपनी सीट से उठकर जटिया से बोले आप किसी सदस्य को आदेश नहीं दे सकते है कि वह क्या बोले, क्या नहीं बोले यह सदन की परम्परा नहीं है। तभी तृणमूल कांग्रेस के सुखेंद्र शेखर राय ने उठकर कहा कि संविधान बुनियाद में वैज्ञानिक चेतना की बात कही गयीं है। यह अनुच्छेद 51 में कहा गया है1 इस पर जटिया ने कहा कि जो व्यक्तिगत रूप से सदन के बाहर कहा गया है उसे यहां नहीं कहना चाहिए इसके बाद नाईक शांत हो गए। ईरानी चुपचाप यह सब सुनती रही। उन्होंने अपने बचाव में कुछ भी नहीं कहा।