- Hindi News
- रेडियो ऑटो हो सकती है सस्ती टैक्सी का विकल्प
रेडियो ऑटो हो सकती है सस्ती टैक्सी का विकल्प
महानगरोंमें रेडियो ऑटो सस्ती टैक्सी सेवा का अच्छा विकल्प हो सकती है। उबर कैब सर्विस मामले के बाद केंद्र सरकार इस पर विचार कर रही है। फिलहाल शहरों में कोई भी टैक्सी चला सकता है। लेकिन ऑटो के लिए सरकार की ओर से लाइसेंस/परमिट की व्यवस्था है। एक अधिकारी ने कहा कि उबर शहरों में महंगी टैक्सी सेवा के विकल्प के तौर पर लोकप्रिय है। यह कोई कंपनी नहीं है जो टैक्सी चलाती है। बल्कि यह एप आधारित सेवा है। इसके तहत कोई भी अपनी टैक्सी को यहां रजिस्टर कराकर और कंपनी को उसका एक हिस्सा देकर सवारी हासिल कर सकता है। ऐसे में यह विचार किया जा रहा है कि क्यों ऑटो सेवा को ही इसका विकल्प बनाने की दिशा में राज्य सरकारों से बात की जाए। केंद्र सरकार राज्यों से यह जानना चाहती है कि जब कोई भी टैक्सी चला सकता है तो फिर ऑटो के लिए परमिट जैसे नियम क्यों हैं?
यह हो सकता है वैकल्पिक तरीका
केंद्रने पूछा है कि क्या यह संभव है कि ऑटो का क्लस्टर बनाकर उन्हें सामूहिक रूप से सेवा शुरू करने की इजाजत दी जाए? गारंटी के तौर पर उनसे एक निश्चित राशि सुरक्षा राशि के तौर पर जमा कराई जा सकती है।