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अगले वर्ष छह फीसदी पहुंच सकती है विकास दर : मूडीज
महंगाई घटी तो ब्याज दरों में कटौती : आरबीआई
यदिमहंगाई में गिरावट जारी रहती है तो रिजर्व बैंक ब्याज दरों में जल्दी कमी कर सकता है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एसएस मूंदड़ा ने बुधवार को यहां सीआईआई के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा के समय संकेत मिला था कि महंगाई में काफी कमी आई है। इसमें वैश्विक कारकों का भी असर रहा है। जैसे कच्चा तेल सस्ता हुआ है।
गुरुवार को आरबीआई सेंट्रल बोर्ड की बैठक होनी है। डिप्टी गवर्नर ने कहा, अर्थव्यवस्था में डिफ्लेशन है, तेल एवं अन्य कमोडिटी की कीमतें घट रही हैं, खाद्य वस्तुएं भी सस्ती हो रही हैं। लेकिन कुछ अनिश्चितताएं भी हैं। महंगाई का स्तर क्या होगा, यह किस दिशा में जाएगा।
डिप्टी गवर्नर मूंदड़ा ने कहा, पेमेंट बैंकों के लिए लाइसेंस अगले साल मार्च-अप्रैल में
रिफाइनेंस पर दिशानिर्देश
मूंदड़ाने बताया कि नए प्रोजेक्ट के लिए हर पांच साल में दोबारा कर्ज (रिफाइनेंस) की सहूलियत होगी। लेकिन पुराने प्रोजेक्ट को रिफाइनेंस पर केंद्रीय बैंक जल्दी ही दिशानिर्देश लाएगा। उद्योग जगत इसकी मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब आर्थिक विकास तेजी पर हो तब ऐसे प्रोजेक्ट की खामियां नजरंदाज कर दी जाती हैं। लेकिन जब विकास दर गिरती है तब परेशानियां उभरने लगती हैं।
बैंकिंग आउटलुक नकारात्मक
मूडीज ने बैंकिंग क्षेत्र के आउटलुक को एक बार फिर नकारात्मक माना है। इसने कहा है कि गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के बोझ को देखते हुए बैंकों को इसके लिए पर्याप्त पूंजी भंडार बनाने और अपनी एसेट क्वालिटी सुधारने की जरूरत है। इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बैंकिंग सेक्टर का सकल एनपीए 2014-15 में 4 से 4.2% रहने का अंदेशा है। पिछले साल यह 3.9% था। इक्रा ने 26 सरकारी, 15 निजी बैंकों की पहली तिमाही के प्रदर्शन के आधार पर यह अनुमान जाहिर किया था।