तिहाड़ जेल भेजा गया आरोपी
कैब दुष्कर्म मामला : 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
गुडगांवकी मल्टीनेशनल फाइनेंस कंपनी में कार्यरत 27 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव को तीस हजारी कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया गया। तीन दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर उत्तरी जिला पुलिस ने शिव कुमार को तीस हजारी कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडेय की अदालत में पेश किया।
अदालत के समक्ष मामले की जांच अधिकारी ने बताया कि शिव का मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए कपड़ों को बरामद कर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है लेकिन अब आरोपी से हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है। अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा कि क्या पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कर लिए गए हैं? इसके अलावा क्या आरोपी की पहचान परेड कराई गई है ? जिस पर जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी ने पहचान परेड कराने से इंकार कर दिया था। वहीं, आरोपी के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है, अब शिव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने शिव से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहता है। इस पर आरोपी का जवाब ना में था। जिसके बाद अदालत ने मामले के तथ्यों, प्रकृति, आरोपों की गंभीरता और जांच के अहम चरण में होने के चलते आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में 24 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दे दिए।
असलीजांच अधिकारी कौन है : अदालतने जांच अधिकारी से पूछा कि क्या कंपनी ने आरोपी के ब्यौरे का सत्यापन कराया था। अगर नहीं तो पुलिस ने उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया है। इन सवालों पर अदालत ने गौर किया कि जांच अधिकारी ने सवालों के ठीक से जवाब दिया है। इस पर अदालत ने पूछा कि मामले का असली जांच अधिकारी कौन है, इनको कुछ भी जानकारी नहीं है। इस पर पुलिस ने बताया कि कैब कंपनी ने आरोपी के दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराया था। कैब कंपनी उबर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
वकीलोंने किया विरोध : शिवकुमार को तीस हजारी अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। वकीलों ने पुलिसकर्मियों और आरोपी का रास्ता रोकने का प्रयास किया। आरोपी को जैस