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- \"छग में पशुपालन कुक्कुट पालन को कृषि के समान सुविधाएं प्रदान करें\'
\"छग में पशुपालन-कुक्कुट पालन को कृषि के समान सुविधाएं प्रदान करें\'
\\\"छग में पशुपालन-कुक्कुट पालन को कृषि के समान सुविधाएं प्रदान करें\\\'
नेशनल ब्यूरो, नई दिल्ली| छत्तीसगढ़सरकार ने केंद्र से पशुपालन , मत्स्य और कुक्कुट पालन से प्राप्त आय को कृषि के समान आयकर से मुक्त किए जाने की मांग की। मंगलवार को राज्य के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अगर हम इन तीनों क्षेत्रों को कृषि के समान सुविधाएं और प्रोत्साहन प्रदान करें तो हम देश में बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पादन में सफल होंगे तथा इससे किसान और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध हो जाएगा। अग्रवाल ने यहां आयोजित पशुपालन , डेयरी विकास और मछली पालन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उक्त मांग की। अग्रवाल ने कहा कि पशुपालन, मत्स्य और कुक्कुट पालन के लिए युवाओं को प्रदान किए जाने वाले ऋण की सीमा 15 लाख रुपए की जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए
उन्होंने यह भी कहा कि इन तीनों क्षेत्रों में कृषि के समान पशुपालकों को व्यक्तिगत रूप से लाभान्वित करने वाली योजनाएं प्रारंभ की जाना चाहिए ताकि वे इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सके
अग्रवाल ने केन्द्र सरकार से छत्तीसगढ़ में मिल्क रूट विकसित करने, विपणन एवं प्रसंस्करण एवं पशु आहार संयंत्र की स्थापना के लिए 57 करोड़ रुपए की मांग की उन्होंने राज्य में 34 पशु चिकित्सालय एवं 105 पशु औषधालय में अधोसंरचना विकास के लिए 14 करोड़ रुपए की मांग भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासी परिवारों की आय में वृद्धि के लिए बकरीपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।