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चुनाव परिणाम दोपहर एक बजे तक आने की संभावना
सांसंे थामे नतीजों के इंतजार में हैं प्रत्याशी
दिल्लीके सिंहासन पर कौन राज करेगा? इसका फैसला होने में अब चंद घंटे बाकी है। दिल्ली के चुनावी दंगल में उतरे केवल 673 उम्मीदवार सांसे थामे नतीजों का इंतजार कर रहे हैं बल्कि पूरे देश की इन नतीजों पर नजर है क्योंकि इन नतीजों का असर दूर तलक होगा। एग्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित आम आदमी पार्टी के खेमे में आत्मविश्वास झलक रहा है वहीं भाजपा एग्जिट पोल के अनुमानों पर नर्वस नजर रही है लेकिन वह वास्तविक नतीजों के आने के इंतजार करना चाहती है। कांग्रेस ने भाजपा आप की लड़ाई में खुद को लाने की कोशिश तक नहीं की लेकिन नतीजों का उसे भी उतनी ही बेसब्री से इंतजार है।
मौटेतौर पर आज तीन परिस्थितियां सामने सकती है, पहली ‘आप’ को पूर्ण बहुमत मिल जाए, दूसरी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिले और तीसरी भाजपा या आप दोनों ही जादुई आंकड़े तक पहुंच पाएं और पिछले चुनाव जैसी ही त्रिशंकु स्थिति पैदा हो जाए। आप को पूर्ण बहुमत मिलता है तो अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में एक बार फिर आप की सरकार बनेगी। जिसका पहला कार्यकाल महज 49 दिन रहा था। दिल्ली में आप की जीत कई लिहाज से बड़ी जीत होगी। भगोड़े का टैग लगने के बावजूद आप केवल जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने बल्कि मोदी के विजय रथ को रोकने में कामयाब होगी। इसके कई निकट दूरगामी परिणाम होंगे। दिल्ली के बाद कई राज्यों के चुनाव में आप दस्तक दे सकती है। दो साल बाद दिल्ली में ही निगम के चुनाव भी होने हैं।
यदि भाजपा को जीत हासिल होती है तो किरण बेदी के नेतृत्व में भाजपा को 16 साल बाद दिल्ली में फिर से सत्ता में आने का मौका मिलेगा। लेकिन यदि भाजपा बहुमत के आंकड़े नहीं छू पाती है तो यह उसके लिए बेहद चिंताजनक बात होगी क्योंकि यह मोदी की लहर के बेअसर होने का संकेत होगा। और यह संकेत भी होगा कि पार्टी दिल्ली में जिस गुटबाजी, अंर्तकलह, असंतोष, आपसी समन्वय के अभाव असहयोग के चलते बीते चुनावों में हारती रही है, पार्टी के शीर्ष नेता इन समस्याओं को समाधान करने में इस बार भी असफल ही रहे।
त्रिशंकु की स्थिति में सबसे बड़े दल के रूप में कौन उभरता है, यह सबसे बड़ी बात होगी। यदि भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरती है तो जाहिर है ही आप और कांग्रेस इसे समर्थन नहीं देने वाली। लेकिन आप के साथ ऐसी ही स्थिति बनने पर कांग्रेस उसे समर्थन दे सकती है भले ही फिलहाल वह मना कर रही हो। यानी नतीजे आने पर भाजपा की तुलना में आप की सरकार बनने का दोगुनी संभावना बन सकती है।
भाजपा-आप में कड़ी टक्कर
भाजपाको आम आदमी पार्टी से कड़ी टक्कर मिलने की बात कही जा रही है। मतदान के बाद आए सभी सर्वेक्षणों एग्जिट पोल में आप को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। एक एग्जिट पोल में तो आप को 70 सदस्यीय सदन में 53 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।