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सिगरेट पैकेटों पर 85 फीसदी सचित्र चेतावनी के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव

6 वर्ष पहले
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अधिसूचना के ठंडे बस्ते में जाने की आशंका से कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने लिखा पीएम-स्वास्थ्य मंत्री को पत्र

प्रदीपसुरीन | नई दिल्ली

सिगरेटपैकेटों में नई सचित्र चेतावनी के ठंडे बस्ते में जाने की आशंका को देखते हुए तंबाकू विरोधी कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और देश सक्रिय हो गए हैं। तंबाकू के खिलाफ काम करने वाले पांच बड़े संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा को पत्र लिखकर नई सचित्र चेतावनी को सिगरेट पैकेटों पर रखे जाने की मांग की है। थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी तंबाकू नियंत्रण के नए कदम को बिना किसी दबाव के लागू करने का अनुरोध भारत सरकार से किया है। बताते चलें कि 15 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत 1 अप्रैल, 2015 से सभी सिगरेट पैकेटों में 85 प्रतिशत जगह पर नई चेतावनी लागू होनी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हाल ही में थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रियों ने स्वास्थ्य मंत्री नड्‌डा को पत्र लिखकर कहा है कि भारत समेत कई देशों में तंबाकू लॉबी नई सचित्र चेतावनी को रोकने के लिए काम कर रही है। ऐसे में भारत सरकार को किसी भी दबाव में आए बिना सिगरेट पैकेटों में 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी के अपने फैसले पर कायम रहना चाहिए।

अधिकारी ने आगे बताया कि अमेरिकन कैंसर सोसाइटी, फ्रेमवर्क कन्वेन्शन अलायंस और ब्रिटेन की कैंसर रिसर्च समेत 6 बड़े तंबाकू विरोधी संगठनों ने भी पत्र लिख कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अपनी अधिसूचना को 1 अप्रैल, 2015 से लागू करने की मांग की है।

मामले से जुड़े एक अन्य अधिकारी के अनुसार पिछले कुछ महीनों से अचानक तंबाकू लॉबी मंत्रालय पर हावी हो गई है। यह नई सचित्र चेतावनी को हर हालत में टालने की कोशिश में जुटी है। यही कारण है कि वाणिज्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की ओर से नए सचित्र चेतावनी को टालने संबंधी अनौपचारिक हिदायतें दी जा रही है। खुद स्वास्थ्य मंत्रालय में अब इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की संभावना तलाश रहा है। रास्ते पर चलने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि 15 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत सभी सिगरेट पैकेटों के 85 फीसदी भाग में सचित्र चेतावनी लागू किया जाना है। तंबाकू लॉबी ने नए फैसले का तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्रालय डॉ. हर्षवर्धन के समय से ही विरोध शुरू कर दिया था। हालांकि हर्षवर्धन के कड़े रुख के चलते उस समय इस लॉबी को निराशा हाथ लगी थी। नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा के पदभार संभालने के बाद इस मामले में फिर से अपनी कोशिशें शुरू हो गई हैं।

इसलिए जरूरी है सिगरेट पैकेटों में सचित्र चेतावनी

-देश के 28 करोड़ लोग (35 प्रतिशत) किसी किसी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं।

- 21 प्रतिशत युवा खैनी, गुटखा या अन्य चबाने वाले उत्पादों के नशे के आदी हैं।

-देश के 9 फीसदी युवा सिगरेट-बीड़ी जैसे धूम्रपान का इस्तेमाल करते हैं।

-भारत की 20 फीसदी महिलाएं भी तंबाकू की लत में घिरी हैं।