हिंदी-चीनी, भाई-भाई : भाग-2
विदेशी मीडिया की नजर
अहमदाबाद में जिनपिंग का विमान 30 मिनट की देरी से पहुंचा। मोदी उनकी अगवानी के लिए एयरपोर्ट जाने वाले थे। बाद में उनका प्लान बदल गया। वे जिनपिंग के स्वागत के लिए हयात होटल पहुंचे। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा था, मोदी की बेसब्री भी बढ़ रही थी। कभी घड़ी देखते तो कभी जेब से कागज निकालकर चीन के राष्ट्रपति का पूरा नाम याद करते।
पहली बार किसी के लिए इतने बेसब्र दिखे मोदी
मतभेदों से ज्यादा जरूरी साझा हित|भारत-चीन की यह मुलाकात बेहद खास और अहम है। एक वर्ल्ड फैक्टरी है तो दूसरा ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर। उम्मीद है कि दोनों आपसी मतभेद से आगे जाकर साझा हितों पर जोर देंगे। -शिन्हुआ
िसस्टर सिटी बनने वाले दोनों शहरों को जानिए
जब जिनपिंग प|ी के साथ होटल पहुंचे तो मोदी ने उनका स्वागत किया।
नदी किनारे खमण चखा
Áरिवरफ्रंट पर डिनर में नॉयलोन खमण, सैंडविच ढोकला, तिल की खांडवी जैसे व्यंजन जिनपिंग को परोसे गए। उन्होंने सिर्फ खमण चखा। बाद में चायनीज पकवान ही खाए।
आज दिल्ली में बातें
Áबुधवाररात जिनपिंग दिल्ली पहुंच गए।
Áगुरुवार सुबह वे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलेंगे। फिर राजघाट जाएंगे।
Áसुबह 10 बजे सुषमा स्वराज उनसे मिलेंगी।
Áमोदी के साथ उनकी बातचीत सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में शुरू होगी।
मोदी बने गाइड
Áजिनपिंगजब साबरमती आश्रम पहुंचे तो मोदी ने खुद उन्हें महात्मा गांधी के जीवन और आश्रम के इतिहास के बारे में बताया।
Áरिवर फ्रंट पर मोदी जिनपिंग को गुजराती संस्कृति के बारे में हर छोटी चीज बताते रहे।
मां हीराबा ने मोदी को जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के लिए राशि दी। उन्होंने मोदी से इसे राहत कोष में जमा कराने को कहा।
माेदी को मां ने जन्मदिन पर दिए बाढ़ पीड़ितों के लिए ~ 5001
साठ साल पहले चीन के साथ रिश्तों में ऐसी ही गर्मजोशी थी। (तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने चीनी प्रधानमंत्री चो एनलाई की अगवानी की थी।)
अहमदाबाद के पास रिवर फ्रंट पर जिनपिंग और मोदी।
साबरमती आश्रम जाने से पहले जिनपिंग ने भी मोदी की तरह खादी की जैकेट पहन ली।
मोदी का बुधवार को 64वां जन्मदिन था। वे सुबह 7.30 बजे गांधीनगर स्थित अपने छोटे भाई पंकज के घर मां हीराबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। 95 वर्षीय हीराबा ने मोदी को मिठाई खिलाई और उन्हें 5001 रुपए दिए। बता