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विदेशी चंदे का आरोप लगाने वालों पर केस करेगी 'आप', तैयार की जा रही सूची

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. बिना सबूत के आप पर विदेशी चंदा का आरोप लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। पार्टी ने धमकी देते हुए कहा है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोर्ट में दिए गए जवाब में आप को क्लीनचिट दी है। पार्टी नेता आशुतोष ने कहा है कि विपक्षी पार्टियां बिना सबूत के आप पर विदेशों से चंदा लेने का आरोप लगा रही हैं। ऐसा आरोप लगाने वालों के खिलाफ पार्टी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएगी। ऐसे नेताओं की सूची तैयार हो रही है।
आशुतोष ने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया था कि विदेशी चंदे में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा के प्रवक्ता भी इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, जबकि पार्टी को मिलने वाले सभी फंड मामले में पारदर्शिता बरती जा रही है। यहां तक कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने भी पार्टी को दो बार साफ-सुथरा करार दिया है। आशुतोष ने कहा कि आरोप लगाने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दायर कराया जाएगा।
आप को मिला 9.6 करोड़ का चंदा : आप को पिछले वित्त वर्ष में अपने उन समर्थकों और शुभचिंतकों से 9.6 करोड़ रुपए से ज्यादा का चंदा मिला। ये वे लोग हैं जिन्होंने 20,000 रुपए से अधिक की राशि पार्टी को दी। आप द्बारा चुनाव आयोग को दिए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। हाल ही में कई पार्टियों ने 20,000 रुपए से अधिक के चंदे का विवरण चुनाव आयोग को सौंपा है।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 29सी के तहत सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 20,000 रुपए से अधिक के चंदे का ब्यौरा देना होता है और इससे उनको कर में रियायत मिलती है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कुल 1,571 लोगों ने आप को 20,000 रुपए या इससे अधिक का भुगतान किया, जिससे पार्टी ने कुल 9,61,51,672 करोड़ रुपए
एकत्र किए।
साल 2013-14 में कांग्रेस को इस तरह के अनुदान से 66 करोड़ रुपए का चंदा मिला तथा राकांपा को 14 करोड़ रुपए मिले। भाजपा ने अब तक चुनाव आयोग के समक्ष यह ब्यौरा नहीं पेश किया है। उसके अलावा टीआरएस, बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, इनेलो, लोजपा, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने चंदे का ब्यौरा नहीं दिया है।
'अवैध मोबाइल टॉवर लगा रहा रिलायंस'
आप का मानना है कि दिल्ली में विभिन्न इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। पार्टी का दावा है कि ये सभी टॉवर रिलायंस कंपनी के हैं। आप ने आरोप लगाया कि द्वारका के पार्कों में 4जी नेटवर्क के मोबाइल टावर आवासीय क्षेत्रों, पार्कों में लगाए जा रहे हैं। डीडीए ने नियमों को ताकपर रखकर यह अनुमति दी है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के टावर से स्थानीय लोगों में खासा रोष है, क्योंकि इस तरह के टॉवरों से हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।