नई दिल्ली. आधी आबादी के अधिकारों और सुरक्षा का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी ने भले ही
दिल्ली चुनावों में भारी जीत दर्ज की हो, लेकिन महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारने में कंजूसी भी बरती थी। पार्टी ने सिर्फ 5 महिलाओं को मैदान में उतारा था और सभी उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है।
इनमें से दो महिलाएं मंगोलपुरी से प्रत्याशी राखी बिड़लान और शालीमार बाग से प्रत्याशी वंदना कुमारी पार्टी की पूर्व विधायक रह चुकी हैं। इनके अलावा आरके पुरम से प्रमिला टोकस और चांदनी चौक से अलका लांबा कांग्रेस से आप में शामिल हुई थीं। इनके अलावा पालम से चुनाव लड़ रहीं भावना गौड़ पर पार्टी ने एक बार फिर विश्वास जताया था।
2013 में भी छह प्रत्याशी : वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने छह महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। लेकिन इस बार इनमें से दो महिला प्रत्याशियों बल्लीमारान से फरहान अंजुम और पटेल नगर से वीना आनंद का टिकट काट दिया गया था, जबकि पूर्व में पार्टी की स्टार महिला नेता और पिछले साल विधानसभा चुनाव में आरके पुरम सीट से मात्र कुछ सौ वोटों से हारने वाली महिला नेता शाजिया इल्मी ने अंतिम समय में आप का साथ छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया था।
अलका लांबा, चांदनी चौक सीट से जीतीं, बीजेपी की सुमन गुप्ता को हराया।
आगे की स्लाइड में पढ़ें किस सीट से किसे हराकर जीतीं आप की बाकी 4 महिला उम्मीदवार...