(अफजल गुरू)
नई दिल्ली. सन् 2001 में हुए संसद हमले को कुछ दिन बाद 13 साल पूरे हो जाएंगे। इस हमले में कई लोग मारे गए थे। भारत के इतिहास में उस दिन को एक काले दिन के रूप में माना जाता है। संसद हमले का मुख्य आरोपी अफजल गुरू फांसी पर लटक चुका है। पिछले साल 9 फरवरी के दिन उसे दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया गया। पुलिस के मुताबिक जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी अफजल गुरू इस पूरी घटना का मास्टर मांइड था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहले हाइकोर्ट ने और फिर सुप्रीम कोर्ट ने अफजल को फांसी की सजा सुनाई थी।
कौन था अफजल गुरू
जम्मू कश्मीर के बारामुला में रहने वाले अफजल के बारे में कहा जाता है कि बचपन में वो स्कूली कार्यक्रमों में काफी सक्रिय था। उसे भारत के स्वतंत्रता दिवस की परेड की अगुवाई करने के लिए भी चुना जाता था। मैट्रिक पास करने के बार अफजल उच्च शिक्षा के लिए मुस्लिम एजुकेशन ट्रस्ट में दाखिला लिया। यहां अफजल ने अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और 12वीं पास करने के बाद मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया। वहीं उसने आईएएस की तैयारी भी की। इस दौरान यहां उसकी मुलाकात नवेद हकीम नामक शक्स से हुई जो भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था। नावेद के साथ अफजल भी
जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट में शामिल हो गया।
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