नई दिल्ली/गाजियाबाद. देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर दिल्ली के 12, तुगलक रोड स्थित बंगले में स्मारक बनाने की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) समर्थकों और किसानों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। इस बंगले में फिलहाल रालोद प्रमुख और चौधरी चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह रह रहे हैं। अपनी मांग को लेकर दिल्ली की बिजली काटने और पानी की सप्लाई बाधित करने को पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गुरुवार को झड़प हो गई।
जिसमें रालोद विधायक सुदेश शर्मा और गाजियाबाद पुलिस कप्तान सहित इसमें करीब दो दर्जन पुलिस के जवान और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। रालोद कार्यकर्ता भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों के साथ आए थे। ये पार्टी प्रमुख अजित सिंह से दिल्ली में सरकारी बंगला खाली कराने का विरोध कर रहे थे। दिल्ली प्रशासन ने इस बंगले में बिजली-पानी का कनेक्शन काट दिया है क्योंकि अजित ने कई बार के नोटिस के बावजूद बंगाल खाली नहीं किया।
इसकी जवाबी कार्रवाई के तौर पर अजित समर्थक दिल्ली का पानी काटने के लिए गाजियाबाद के मुरादनगर में जमा हो गए। यहां से गंग नहर से जुड़े रेगुलेटर से दिल्ली को पानी की सप्लाई की जाती है। आंदोलनकारियों की धमकी को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पानी के रेगुलेटर पर कब्जा करने की कोशिश में पथराव और आगजनी की।
जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले भी दागे। झड़प में 18 लोग घायल हुए हैं। इनमें आठ पुलिसकर्मी भी थे।
चौधरी चरण सिंह स्मारक बनाने की मांग :
अजित सिंह ने सरकारी बंगले को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का स्मारक बनाए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि समर्थक भी यही चाहते हैं। जब अन्य नेताओं के नाम पर स्मारक बन सकते हैं तो चरण सिंह के नाम पर क्यों नहीं। इस बंगले में चौधरी चरण सिंह रह चुके हैं। चौधरी परिवार के पास यह बंगला 1978 से है।
दिल्ली जाकर विरोध करें : अखिलेश
यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य सरकार चौधरी चरण सिंह का सम्मान करती है। किसानों को यदि आंदोलन करना है, तो वह दिल्ली जाकर करें। बेवजह यहां हंगामा करके यूपी के लोगों को परेशान न करें।
आरएलडी कार्यकर्ताओं ने रोका दिल्ली का पानी
तुगलक रोड स्थित राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया चौधरी अजीत सिंह के बंगले को खाली कराए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने गुरुवार को गंगा नदी से गंग नहर के जरिए दिल्ली को आ रहे गंगा जल की आपूर्ति को रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित गंग नहर के रेग्यूलेटर को बंद कर दिया, जिससे जलापूर्ति बंद हो गई। इससे दिल्ली स्थित दो जल संयंत्र से पानी के उत्पादन में गिरावट आ गई। देर शाम तक गंग नहर पर कार्यकर्ताओं का कब्जा रहा।
एनडीएमसी ने दिल्ली के 12 तुगलक रोड स्थित रालोद मुखिया चौधरी अजीत सिंह की कोठी को खाली कराने के लिए पिछले दिनों बंगले का बिजली-पानी कनेक्शन काट दिया था। इसके अगले दिन अजित सिंह ने बंगला खाली कर दिया था। लेकिन एनडीएमसी की इस कार्रवाई से नाराज भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 18 अगस्त को मुरादनगर में गंग नहर पर स्थित रेग्यूलेटर को बंद करने की चेतावनी दी थी। बिजली-पानी कनेक्शन काटने से दो दिन पहले बंगला खाली कराने गए एनडीएमसी के कर्मचारियों के खिलाफ आरएलडी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था।
दो संयंत्र प्रभावित: गंग नहर का रेग्यूलेटर बंद करने से दिल्ली के दो बड़े जल संयंत्र सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्रों का उत्पादन गिर गया है। इन दोनों संयंत्रों की क्षमता 240 एमजीडी है। इनसे पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली में पानी की आपूर्ति की जाती है।
बोर्ड ने किया वैकल्पिक उपाय: जल बोर्ड ने जल संकट से निजात पाने के लिए वजीराबाद बैराज स्थित जलाशय से कच्चा पानी लेने का फैसला किया है। फिलहाल यमुना में पानी होने से इसका उपयोग किया जा सकता है।