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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। वर्ष 1984 के दिल्ली कैंट सिख दंगा मामले में दोषी ठहराए गए पांच लोगों की सजा पर कड़कड़डूमा अदालत ने फैसला सुना दिया है। इनमें हत्या के दोषी ठहराये गए तीन लोगों को आजीवन कारावास, जबकि दंगा फैलाने के दो दोषियों को तीन-तीन साल की कैद हुई है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट के बाहर सिख समुदाय के लोगों ने नारेबाजी की। उनका कहना था कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। इस मामले में पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार को अदालत ने बरी कर दिया था। हालांकि सीबीआई ने कहा है कि वह सज्जन कुमार के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। (सज्जन कुमार को बरी किए जाने के फैसले को सीबीआई देगी चुनौती!)
30 अप्रैल को आए फैसले में अदालत ने माना था कि इन पांचों आरोपियों की वजह से दिल्ली कैंट इलाके में दंगे फैले और उस वजह से पांच लोगों की जान चली गई। हालांकि कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने बरी कर दिया था। दंगा पीड़ितों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। अदालत का कहना था कि गवाह बयान बदलते गए जिस वजह से उसका लाभ सज्जन कुमार को मिलना चाहिए। जबकि उन्ही गवाहों के बयान के आधार पर बाकी के 5 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।
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