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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जनलोकपाल बिल फरवरी में विशेष सत्र के दौरान रामलीला मैदान में पारित किया जाएगा। उन्होंने यह बात शनिवार को छत्रसाल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह में कही। साथ ही रेल भवन पर दिए गए धरने पर सफाई देते हुए कहा कि मेरे धरने को कुछ लोगों ने संविधान के खिलाफ बताया था। मैंने संविधान को दोबारा पढ़ा, लेकिन कहीं यह नहीं ढूंढ पाया कि सीएम धरना नहीं दे सकता या सीएम का धरना संविधान के खिलाफ है।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि सरकार बनने के बाद करप्शन कम हुआ है। ऑटो चालक और चाय वालों से पुलिसवालों ने रिश्वत लेनी बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस में ईमानदार ऑफिसर भी हैं। यही वजह है कि हमने कुछ दिन पहले शराब माफिया के खिलाफ लडऩे वाले पुलिसकर्मी के परिजनों को एक करोड़ रुपये दिए। केजरीवाल ने कहा कि हम सत्ता भोगने के लिए नहीं आए हैं, हम सारी की सारी सत्ता आपके हाथों में सौंपने के लिए आए हैं। सत्ता के किले तोडऩे के लिए आए हैं। हम इस देश के हर आदमी को मालिक बनाने आए हैं।
ऑटो वालों से पुलिस ने 15 दिन से नहीं ली रिश्वत
अभी मैं आ रहा था तो ट्रैफिक सिग्नल पर मेरी गाड़ी रुकी, लोगों ने गाड़ी को घेर लिया, उन लोगों में ऑटो वाले भी थे। उनसे मैंने पूछा तो उन्होंने बताया कि 15 दिनों से पुलिस ने हम लोगों से रिश्वत लेनी बंद कर दी है। इस रिश्वतखोरी को सरकारें 65 साल से रोक नहीं पाईं। अगर नीयत साफ हो और काम करने की नियत हो तो हम सब मिलकर व्यवस्था सुधार सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मुझे कुछ दिन पहले एक दोस्त ने बताया कि उसके घर के सामने एक चायवाला चाय बेचता है। वह चायवाला पहले आठ रुपये की चाय बेचता था, उसने अपना रेट अब घटाकर छह रुपये कर दिया है। पूछने पर बताया कि अब पुलिसवालों को पैसा नहीं देना पड़ता है।
ऐसे ही मेरे एंटीकरप्शन विभाग ने बताया कि पिछले दिनों से हमारे छापेमारी अभियान फेल हो रहे हैं। जब हम जात बिछाते हुए रिश्वत मांगने जाते हैं तो अधिकारी रिश्वत मांगने से इंकार कर देते हैं। हम बार-बार कहते रहे हैं कि हमारे सात मंत्री सचिव और अधिकारी मिलकर दिल्ली को नहीं सुधार सकते। दिल्ली को सुधारना है तो डेढ़ करोड़ लोगों को मिलकर कोशिश करनी होगी।
आगे की स्लाइड़ में पढ़िए 'हमारा मकसद भ्रष्टाचार को लेकर डर पैदा करना है'...
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