पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंनई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के निष्कासित विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने सोमवार को अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर शुरू किया। बिन्नी ने अपना धरना महज साढ़े तीन घंटे में ही समाप्त कर दिया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर जनलोकपाल बिल को पारित करने समेत उनकी मांगों को १० दिन में पूरा नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
बिन्नी ने कहा कि फिलहाल उन्होंने धरने को इसलिए वापस ले लिया है क्योंकि उप-राज्यपाल नजीब जंग और अन्ना हजारे ने उन्हें सुझाव दिया है कि आप सरकार को चुनाव के समय किए गए वायदों को पूरा करने के लिए कुछ दिन और दिए जाने चाहिए। अन्ना ने बिन्नी से कहा कि 'दो-चार दिन के आंदोलन से कुछ नहीं होने वाला। भूखे मरने से कुछ नहीं होने वाला। हमने बहुत भूखे मरकर देख लिया है।' अन्ना ने मशविरा दिया है कि अब अनशन से बात नहीं बनेगी। संगठन बनाकर अपनी बात रखनी होगी।
बिन्नी ने जनलोकपाल बिल पारित करने के लिए दिल्ली के हर परिवार को प्रति दिन 700 लीटर मुफ्त पानी देने और बिजली के बिल में बिना किसी शर्त के 50 फीसदी कम करने की मांग पर जोर दिया। उन्होंने अपनी इन तीन मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 10 दिन का समय देते हुए कहा कि 6 फरवरी से वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह आप सरकार से अपना समर्थन वापस नहीं ले रहे हैं। बिन्नी ने यह भी कहा कि सरकार बनाने के पहले केजरीवाल ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला सुरक्षा दल बनाने की बात की थी लेकिन वह अपने वायदे से भाग रहे हैं।
खुद को पार्टी से निकाले जाने पर बिन्नी ने कहा कि फैसला लेने के लिए केजरीवाल को जनता की राय लेनी चाहिए थी। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उन्हें मेरे निर्वाचन क्षेत्र लक्ष्मी नगर में एक जनसभा करनी चाहिए थी। बिन्नी ने कहा, 'एक पत्र भेजकर मुझे बताया गया कि मेरे खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।' उन्होंने कहा कि यदि जनता से जुड़े मुद्दे उठाना अनुशासन का उल्लंघन है तो वह ऐसा करते रहेंगे। बिन्नी ने कहा, 'मेरे खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय केजरीवाल को कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी जिन्होंने आधी रात में छापेमारी के दौरान अफ्रीकी महिलाओं के साथ कथित तौर पर दुव्र्यवहार किया।' आप की अनुशासन समिति के फैसले के बाद बिन्नी को रविवार रात पार्टी से निकाल दिया गया था।
बिन्नी के धरना प्रदर्शन को आईएसी का समर्थनसामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की ओर से शुरू किया गया जन लोकपाल आंदोलन को आगे बढ़ाने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन में आप के निष्कासित विधायक विनोद कुमार बिन्नी के साथ शामिल हुए। आईएसी के मीडिया प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यरात्रि में एक छापे के दौरान अफ्रीकी महिलाओं से दुव्र्यहार करने वाले कानून मंत्री सोमनाथ भारती को हटाने के बजाय केजरीवाल ने बिन्नी के खिलाफ कार्रवाई की जो कि अनुचित है।
उन्होंने कहा कि आईएसी कार्यकर्ता बिन्नी का समर्थन करने के लिए आगे आए हैं क्योंकि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ धरने में बिन्नी के साथ आईएसी के और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि धरने में यहां शामिल होने के लिए आईएसी के 50 कार्यकर्ता आए हैं।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.