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केजरी\'वॉल\' के आगे पस्त नूपुर, 31 हजार से ज्यादा वोटों से मिली हार

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. जोधपुर का एक तबका चाहता था कि अरविंद केजरीवाल को भाजपा प्रत्याशी नूपुर शर्मा चुनाव में शिकस्त दें। हालांकि, ऐसा हो नहीं सका। भाजपा से खड़ी हुईं नूपुर शर्मा चुनाव हार गई हैं।
नूपुर जोधपुर के एक हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर की बेटी हैं। उनके पिता विनय शर्मा की जोधपुर के बासनी क्षेत्र में नूपुर इंटरनेशनल नाम से एक्सपोर्ट यूनिट है, जिसमें नूपुर लीगल एडवाइजर हैं।
राजनीति में आने वाली परिवार की पहली सदस्य
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार राजस्थान की बेटी नूपुर शर्मा के पिता विनय शर्मा का कहना था कि नूपुर को वर्ष 2008 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया तो उनकी चिंताएं बढ़ गई थीं,क्योंकि हमारे परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं उतरा था। नूपुर की मां ने कहा कि बेटी को रोको नहीं, उसे चुनाव लड़ने दो। उन्हें जिताने के लिए जोधपुर के निर्यातक भी दिल्ली पहुंचे थे।

एबीवीपी ज्वाइन कर डीयू छात्रसंघ की अध्यक्ष बनी थीं

नूपुर की नेतृत्व क्षमता का आकलन एबीवीपी ने किया। वर्ष 2008 में एबीवीपी में शामिल हुईं। उन्हें उसी वर्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित किया गया। वे चुनाव जीतीं व एक साल तक डीयू की छात्रसंघ अध्यक्ष रहीं। छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के बाद वे भाजपा से जुड़ गईं। वर्ष 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का मीडिया सह प्रभारी बनाया गया।
वर्तमान में नूपुर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की स्थाई सदस्य हैं तथा भाजपा के सदस्यता अभियान में भी उनकी अहम भूमिका है। दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया और फिर एलएलबी। नूपुर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एलएलएम की शिक्षा पूरी करने के बाद अब वकालत कर रही हैं।
आगे देखें नूपुर शर्मा की कुछ फोटोज...