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खुद के सर्वे में भी बीजेपी नंबर 2, अब मोदी पर हार का ठीकरा न फूटने देने की तैयारी

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में शनिवार को हुए मतदान के बाद आए करीब सभी एग्जिट पोल्स इस ओर इशारा करते हैं कि दिल्ली के अगले सीएम अरविंद केजरीवाल ही होंगे। बीजेपी ने कहा है कि वह नतीजों का इंतजार करेगी और उसके बाद ही कोई टिप्पणी करेगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बीजेपी को अपनी हार का एहसास हो चुका है। मतदान के बाद कराए गए उसके खुद के इंटरनल सर्वे में पार्टी दूसरे नंबर पर है। इस इंटरनल सर्वे में आप को 32-34, बीजेपी को 30-33 जबकि कांग्रेस को 2-4 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, उसके वैचारिक संगठन आरएसएस के आकलन में भी कहा गया है कि बीजेपी को बहुमत नहीं मिलने वाला। ऐसे में पार्टी इस हार का ठीकरा किसी तरह भी अपने पोस्टर ब्वॉय पीएम मोदी के सिर पर फूटने से रोकने की रणनीति बनाने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को आने वाले नतीजों के बाद हार की स्थिति में मोदी और बीजेपी की फेस सेविंग के लिए क्या किया जाएगा, इस रणनीति पर काम शुरू हो चुका है।
बीजेपी ने बुलाई रिव्यू मीटिंग
दिल्ली बीजेपी ने रविवार शाम रिव्यू मीटिंग बुलाई। मीटिंग में दिल्ली बीजेपी के इन्चार्ज प्रभात झा, पार्टी की सीएम कैंडिडेट किरण बेदी, प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सभी प्रत्याशी और कुछ अन्य नेता शामिल हुए। उधर, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा कि अगर एक्जिट पोल के नतीजे सही होते हैं तो पार्टी को अपनी रणनीतियों को लेकर विचार करने की जरूरत है।

बेदी से मिलीं सीतारमण
जीत और हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने का पहले से ही एलान कर चुकीं बीजेपी की सीएम कैंडिडेट किरण बेदी से रविवार सुबह केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा,'एक्जिट पोल, ओपेनियन पोल सबका अपना स्थान होता है लेकिन हमें परिणामों का इंतजार है। हम मानते हैं कि नतीजे बीजेपी के पक्ष में आएंगे।' क्या देर से विजन डॉक्युमेंट लाने से पार्टी को नुकसान हुआ? इस प्रश्न के जवाब में सीतारमण ने कहा, 'यह पार्टी का अपना फैसला है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी अंतिम समय में घोषणापत्र लेकर आई थी। इससे फर्क नहीं पड़ता। पार्टी के भीतर कई सारे फैक्टर होते हैं, जिनके आधार पर विजन डॉक्युमेंट या घोषणापत्र लाने पर फैसला होता है।'
पहले भी आंतरिक सर्वे ने बढ़ाया था बीजेपी का सिरदर्द
इससे पहले, बीजेपी की ओर से कराए गए तीन इंटरनल सर्वे के आंकड़े बीजेपी की उम्मीद के विपरीत गए थे। इनमें दिसंबर की शुरुआत का सर्वे पार्टी की जीत का भरोसा दिलाता था। लेकिन उसके बाद आई रिपोर्ट्स ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दीं। दूसरा सर्वे दिसंबर के अंत में और तीसरा जनवरी के शुरुआत में कराया गया था। पहले सर्वे में 60 सीटों पर रिपोर्ट बीजेपी के फेवर में थी, जो दूसरे में घटकर 49 और तीसरे में 38 पर टिक गई। बाद के सर्वे के मुताबिक, राजधानी के ज्यादातर मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तो अच्छा मानते हैं, लेकिन दिल्ली के मामले में उनकी पहली पसंद केजरीवाल हैं।
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