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मौत के 30 मिनट: पहले बाघ ने पंजा मारकर छोड़ा, पत्थर लगा तो झपट पड़ा

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. हम सब लोग चिड़ियाघर में घूम रहे थे। तभी मैंने देखा कि एक लड़का सफेद बाघ ‘विजय’ के बाड़े के भीतर झांक रहा है। वह आगे की ओर बार-बार झुक रहा था। वहां बाड़े की ऊंचाई भी कम थी। इतने में वह लड़का बाड़े के अंदर जा गिरा। अंदर जो नाला बना है उसमें पानी नहीं है। लड़का उसी में गिरा था। इतने में बाघ लड़के के पास आ धमका। लड़का चुपचाप बैठा रहा। फिर बचने की कोशिश करने लगा। उसने बाघ के सामने हाथ भी जोड़े। थोड़ी देर ठिठकने के बाद बाघ ने पहले पंजा मारा फिर दूर जा खड़ा हुआ। लेकिन तभी किसी ने बाघ को पत्थर मार दिया। इस पर बाघ गुर्राया और लड़के पर झपट पड़ा। उसने लड़के को गर्दन से पकड़ा और घसीटकर दूसरे कोने में ले गया। इस बीच सिक्युरिटी गार्ड आ गए और बाड़े की ग्रिल पर डंडे मारने लगे। इसके बाद बाघ फिर लड़के को घसीटने लगा। करीब दस मिनट तक घसीटता रहा। थोड़ी देर में लड़के की मौत हो गई। लड़के की गर्दन से खून बह रहा था। गर्दन की हड्‌डी भी दिख रही थी। शायद टूट चुकी थी।
कब- घटना मंगलवार दोपहर एक बजे की।
कैसे- मकसूद नामक युवक बाड़े पर चढ़कर झांक रहा था। पैर फिसला और गिर गया। उधर, जू प्रशासन और पुलिस के अनुसार युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और वह बाघ के बाड़े में कूदा था
क्या- युवक के गिरते ही बाघ उसके पास पहुंचा। किसी ने पत्थर मारा तो बाघ भी झपट पड़ा।
(जैसा कि बिट्‌टू ने बताया। बिट्‌टू मौके पर मौजूद था। उसने अपने मोबाइल से घटना की फोटो भी ली है।)
बाड़े में खुद कूदा था युवक: चिड़ियाघर प्रशासन
चिड़ियाघर घूमने आए एक युवक के सफेद बाघ द्वारा मारे जाने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और बाड़े में खुद से कूदा था, जबकि दर्शकों का कहना है कि वह झांकने के दौरान बाड़े में गिर गया था। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त मनदीप सिंह रंधावा कहना है कि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि युवक गलती से बाड़े में गिरा या फिर जानबूझ कर कूदा। पुलिस मौके पर मौजूद गार्ड के पूछताछ करने के साथ युवक की मन:स्थिति जानने के लिए उसके परिजनों से भी बातचीत कर रही है। मृतक की पहचान 20 वर्षीय मकसूद के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर सफेद बाघ को देख रहा मकसूद अचानक बाड़े में गिर गया। दस मिनट तक वह बाड़े में बनी खाई में पड़ा रहा, लेकिन बाघ वहां नहीं आया। कुछ मिनट के बाद बाघ वहां पहुंचा तो अपनी जिंदगी को खतरे में देख मकसूद बाघ के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया। बाघ ने मकसूद पर हमला भी नहीं किया। तभी किसी दर्शन ने बाघ पर पत्थर फेंका, जिससे गुस्साए बाघ ने मकसूद को अपना पंजा मारकर पहला हमला किया।
पंजा मारने के बाद बाघ कुछ देर के लिए फिर शांत हो गया। इसी बीच अन्य दर्शकों के शोर मचाने पर बाघ ने पहले मकसूद को पंजा मारा और अपने जबड़े में उसकी गर्दन दबोच ली। बाघ मकसूद को घसीटते हुए बाड़े के अंदर ले गया और करीब पंद्रह मिनट तक उसे वहीं इधर से उधर घसीटता रहा। इस दौरान चिड़ियाघर के सुरक्षा गार्ड शोर मचाने के अतिरिक्त कुछ नहीं कर सके। चिड़ियाघर के निदेशक अमिताभ अग्निहोत्री का कहना है कि आनंद पर्वत में रहने वाला मकसूद बैरियर को लांघ कर खुद बाघ के बाड़े में कूदा था। उसके कूदते ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड प्रवीण ने वायरलेस से अपने सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। चिड़ियाघर कर्मियों ने बाघ का ध्यान मकसूद से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। अग्निहोत्री का कहना है कि दिल्ली चिड़ियाघर का डिजाइन सेंट्रल जू अथॉरिटी के मानकों पर किया गया है। चिड़ियाघर के सभी बाड़े पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कोई भी दर्शक बैरियर को पार किए बगैर खाई की दीवार तक नहीं पहुंच सकता है।
215 किलो का है बाघ
हमलावर बाघ का नाम विजय है। उसका जन्म छह साल पहले यहीं हुआ था। देखरेख करने वाले चिड़ियाघर कर्मी ने पुलिस को बताया कि मकसूद पर हमला करने वाले बाघ का भार करीब 215 किलोग्राम है।
क्या है मौत की वजह
घटना के पीछे वहांं मौजूद भीड़ भी जिम्मेदार है। चिड़ियाघर में जानवरों के साथ दर्शकों के व्यवहार संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें जानवरों को पत्थर न मारने और शोर न करने की हिदायत दी गई है। कहा गया है कि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। दर्शकों ने कई बार बाघ को पत्थर मारा और शोर भी किया।
पहले भी हो चुकी है एक की मौत
किसी दर्शक की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले दर्शक बाड़े की दीवार से खाई में कूद गया था। पानी होने की वजह से वह डूबकर मर गया था।
आगे की स्लाइड्स में देखिए घटना की तस्वीरें।