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अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी CISF, 100 कंपनियां करेंगी उपकरणों का प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. सीआईएसएफ के जवान जल्द ही विश्वस्तरीय हथियारों एवं उपकरणों से लैस होंगे। सीआईएसएफ अपने जवानों के लिए नवीनतम तकनीक पर आधारित उपकरणों एवं हथियारों का चुनाव कर रही है। जिनसे सीआईएसएफ को हथियारों एवं उपकरणों के लिहाज से अत्याधुनिक बनाया जा सके। भास्कर के साथ विशेष बातचीत में सीआईएसएफ के महानिदेशक अरविंद रंजन ने बताया कि प्रगति मैदान में आयोजित सुरक्षा मेले में दस देशों से आई करीब 100 से अधिक कंपनियां अपने हथियारों एवं सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन कर रही हैं। सीआईएसएफ जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मुहैया करा रही है वहां की सुरक्षा के अनुरूप अत्याधुनिक हथियारों का चयन इस सुरक्षा मेले में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हथियारों के चुनाव के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें सर्विलांस, सिक्योरिटी फिजिकल चेक, बम डिस्पोजल सहित सुरक्षा के अन्य क्षेत्रों में आवश्यक हथियारों एवं उपकरणों का चुनाव कर अपनी रिपोर्ट देंगी। जिनके आधार पर सीआईएसएफ मुख्यालय अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य सुरक्षा की दृष्टि से हथियारों एवं उपकरणों का चुनाव करेगी। इनकी खरीद से संबंधित प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
घटना के समय अलर्ट करने वाले सर्विलांस उपकरणों की जरूरत
अरविंद रंजन के अनुसार मौजूदा समय में सर्विलांस उपकरणों का उपयोग सिर्फ घटना के बाद इनवेस्टीगेशन के लिए हो रहा है। जबकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐसे सर्विलांस उपकरणों की जरूरत है जिससे घटना के समय ही सर्विलांस उपकरण सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर सकें। इन उपकरणों में स्मार्ट कैमरे और एनटिकल कैमरे सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे अधिक मददगार साबित हो सकते हैं। इस तकनीक के तहत एक विशेष साफ्टवेयर के तहत खतरों को चिन्हित किया जाता है। जैसे ही कोई शख्स प्रतिबंधित गतिविधियां करता है स्मार्ट और एनटिकल कैमरा तत्काल इसकी जानकारी सर्विलांस टीम को दे देता है।
बेहतर सुरक्षा उपकरणों के लिए इंट्रीग्रेटेड सॉल्यूशन सेंटर की जरूरत

अरविंद रंजन के अनुसार सुरक्षा संबंधी उपकरणों का चुनाव करने के लिए सुरक्षा मेले जैसा आयोजन अच्छी पहल है। लेकिन अब जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमें एक कदम आगे बढ़ाते हुए इंट्रीग्रेटेड सॉल्यूशन सेंटर पर ध्यान केंद्रित करना होगा। दरअसल, मेलों में चुने गए हथियारों एवं सुरक्षा उपकरणों को पहचानने, ट्रायल और खरीद में इतना लंबा समय गुजर जाता है कि उस समय के भीतर कोई नई तकनीक बाजार में उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में खरीदे गए उपकरणों की उपयोगिता न्यायसंगत नहीं होती। इन परिस्थितियों से बचने के लिए सुरक्षा उपकरण और हथियार बनाने वाली कंपनियों को ऐसा इंट्रीग्रेटेड सॉल्यूशन सेंटर बनाना चाहिए जहां पर सभी उपकरणों को इंस्टाल किया जाए। सुरक्षा एजेंसियां सेंटर पर जाकर अपनी उपयोगिता के अनुसार तुरंत सुरक्षा उपकरण और हथियारों का चुनाव कर सकें।