नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए आम आदमी पार्टी के 27 विधायकों की ओर से 20-20 लाख रुपये देने की घोषणा को उप-राज्यपाल नजीब जंग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। जंग की मंजूरी के साथ उस राजनीतिक कयास पर भी विराम लग गया कि आप विधायकों के सामूहिक फैसले को उप-राज्यपाल मंजूरी नहीं देना चाहते हैं।
दरअसल, शुक्रवार सुबह आप संयोजक अरविंद
केजरीवाल ने सूत्रों का हवाला देकर ट्वीट किया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि आप के 27 विधायक बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपनी विकास निधि से जो 20-20 लाख रुपये देना चाहते हैं, उप-राज्यपाल इसे मंजूरी नहीं प्रदान कर रहे हैं। इसके जवाब के रूप में दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया कि उप-राज्यपाल ने शहरी विकास विभाग को सभी विधायकों को यह सूचित करने के निर्देश दिए हैं कि वे अपनी विधायक निधि से मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान कर सकते हैं।
जम्मू-
कश्मीर में आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान किया जाएगा। सरकार की ओर से कहा गया कि उप-राज्यपाल ने 17 सितम्बर को विधायकों को अपने क्षेत्रीय विकास निधि योजना के अंतर्गत जम्मू एवं कश्मीर में आई आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अपनी निधि से मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान देने की मंजूरी प्रदान कर दी थी।
केजरीवाल के ट्वीट करने के थोड़ी देर बाद ही राजनिवास ने केजरीवाल के कयास को गलत बताते हुए कहा कि उप-राज्यपाल विधायकों के फैसले का आदर करते हैं। उन्होंने पीड़ितों की सहायता के लिए प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। बीते 12 सितंबर को आप के सभी विधायकों ने जम्मू एवं कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए विकास निधि से 20-20 लाख रुपये देने का फैसला लिया था और इस संबंध में उप-राज्यपाल के पास एक प्रस्ताव भेजा था। दिल्ली के विधायकों को प्रति वर्ष अपने क्षेत्र में विकास कार्य के लिए चार करोड़ रुपये मिलते हैं, लेकिन यह राशि अपने विधानसभा क्षेत्र में ही इस्तेमाल करने का प्रावधान है। 2012 में पहली बार सरकार ने निर्देश जारी किया था कि विधायक को दिए जाने वाले क्षेत्रीय विकास फंड में से 35 लाख रुपये प्रति वर्ष देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सहायता राशि के रूप में खर्च किए जा सकते हैं। इस दिशा निर्देश के तहत आप के सभी विधायकों द्वारा कुल 5.40 करोड़ रुपये जम्मू एवं कश्मीर की सरकार को दिए जाएंगे। इससे पहले कांग्रेस के विधायकों ने भी अपने फंड से 25-25 लाख रुपये देने का ऐलान किया था।
विधायकों के लिए बनी क्षेत्रीय विकास निधि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिल्ली के विधायकों के आग्रह पर ही उसकी निधि से अंशदान जारी किया जा सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने शहरी विकास विभाग को विधायकों को इस फैसले की जानकारी देने और उनसे इस महान कार्य में अंशदान करने हेतु उनकी सहमति प्राप्त करने के आदेश दिए हैं। अंशदान की राशि उपराज्यपाल/मुख्यमंत्री राहत कोष में ही जमा की जाएगी। इससे पूर्व भी दिल्ली के विधायकों ने प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उत्तराखंड में आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाई थी।
केजरीवाल ने पूछा था, एलजी ने क्यों किया विरोध
उप-राज्यपाल नजीब जंग के अनुमति देने से पहले केजरीवाल ने उन पर आरोप लगाया कि वे पार्टी के 27 विधायकों की निधि से 20-20 लाख रुपये जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कोष में हस्तांतरण पर ‘आपत्ति जताकर’ उसके विधायकों को जम्मू-कश्मीर में सहायता पैकेज भेजने से रोक रहे हैं। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘आप के 27 विधायकों ने दिल्ली सरकार को प्रत्येक विधायक की निधि से 20-20 लाख रुपये जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कोष में हस्तांतरित करने के संबंध में लिखा था। उप-राज्यपाल ने इसका विरोध किया। क्यों?’ उन्होंने लिखा, ‘पिछले वर्ष प्रत्येक विधायक की निधि से 10-10 लाख रुपये उत्तराखंड बाढ़ राहत के लिए हस्तांतरित किया गया। फिर इस साल आपत्ति क्यों?’