नई दिल्ली. दिल्ली में ऐप के जरिए बुक कराई गई उबर कंपनी के कैब ड्राइवर द्वारा बलात्कार किए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने उबर और ऐप बेस्ड तमाम कैब कंपनियों को बैन कर दिया है। लेकिन बैन के बावजूद सोमवार की रात उबर की टैक्सी सर्विस जारी थी। शुक्रवार को उबर कंपनी के ऐप से बुक कराई गई कैब में ड्राइवर ने 27 साल की एक लड़की से रेप किया था। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ इस तरह की कैब सर्विस जारी रखने पर भी सवाल उठे थे।
20 कैब कंपनियों को बंद करना होगा कारोबार, केवल छह कैब सर्विस
दिल्ली में करीब 20 कंपनियां कैब सर्विस दे रही हैं। इनमें उबर के अलावा पॉपुलर टैक्सी-फॉरस्योर, ओला, क्विक कैब, डेल्ही कैब और विन एंड कोजी प्रमुख हैं। इन सभी को अब अपनी सर्विस रोकनी होगी। इनमें अकेले उबर करीब 3000 ड्राइवर की सेवा लेती है। दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने सोमवार को जारी नोटिफिकेशन में कहा कि ईजी कैब, मेगा कैब, मेरु कैब, चैनसन कैब, यो कैब और एयर कैब को ही दिल्ली में रेडियो टैक्सी चलाने का लाइसेंस मिला हुआ है। उबर पर बैन लगने के कुछ ही देर बाद यह नोटिफिकेशन जारी हुआ।
क्यों बैन किया
स्पेशल कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट) कुलदीप गैंगर के मुताबिक, "उनके पास न तो अपने ड्राइवर हैं और न ही अपनी टैक्सियां हैं। वे ड्राइवर व टैक्सी ओनर्स के नेटवर्क के जरिए काम करते हैं। उबर ने मुसाफिरों को जैसी टैक्सी सर्विस देने का वादा किया है, वैसी नहीं दे पाई। उसने यात्रियों को गुमराह किया।"
उबर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में रेडियो टैक्सी कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड नहीं है। न ही टूरिस्ट सर्विस मुहैया कराने के लिए रजिस्टर्ड है। टूरिस्ट टैक्सी सर्विस मुहैया कराने के लिए परमिट और ऑल इंडिया टैक्सी परमिट की जरूरत होती है।
दो लाख 40 हजार करोड़ रुपए की अमेरिकी कंपनी उबर की जिस कैब के ड्राइवर पर रेप का आरोप है, गैंगर के मुताबिक उसके पास लाइसेंस और परमिट तो था, पर पब्लिक सर्विस व्हीकल (पीएसवी) बैज नहीं था। हालांकि, ड्राइवर शिव यादव का कहना है कि अंबेडकर नगर पुलिस स्टेशन की ओर से उसे कैरेक्टर सर्टिफिकेट दिया गया था। पुलिस उसके इस दावे को गलत बता रही है।
नियमों के तहत रेडियो टैक्सी ऑपरेटर बिना जीपीएस लगे टैक्सी में सर्विस नहीं दे सकते। उसके लिए ड्राइवर का वेरिफिकेशन करना, उसके ड्राइविंग लाइसेंस, पीएसवी बैज व अन्य दस्तावेज की जांच करना भी जरूरी है। उबर ने न तो ड्राइवर का वेरिफिकेशन किया था और न ही उसकी टैक्सी में जीपीएस लगा था।