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कैब में रेप: आम्र्स एक्ट से दुष्कर्म तक, कई केस दर्ज हैं दुष्कर्मी पर

7 वर्ष पहले
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( फाइल फोटो : आरोपी शिव कुमार यादव)
नई दिल्ली. दुष्कर्म आरोपी शिव कुमार यादव ने कबूल किया है कि उसने पीड़ित महिला की गला दबाने की कोशिश की थी। यह भी पता चला है कि पिछले साल भी शिवकुमार पर दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी भी हुई थी। शिव पर 2003 में दुष्कर्म की कोशिश, गुंडा एक्ट, 2006 में आर्म्स एक्ट, 2009 में गुंडा एक्ट और 2013 में दुष्कर्म के केस दर्ज हुए थे। 2011 में भी दुष्कर्म मामले में जेल गया। उसके गांव के लोगों ने बताया कि कोई घर नहीं जहां उसने छेड़खानी न की हो। 26 नवंबर को शिवकुमार ने अमेरिकी महिला से भी बदसलूकी की थी।
शिव यादव पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव के खिलाफ उत्तरी जिला के बुराड़ी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, सोमवार को दक्षिण-पूर्व जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की ओर से जारी किया गया कथित पुलिस वैरिफिकेशन सर्टिफिकेट सामने आया था। इस सर्टिफिकेट में बताया गया था कि शिव यादव के खिलाफ अंबेडकर नगर थाने में कोई मामला दर्ज नहीं है। सोमवार देर शाम पुलिस ने इस सर्टिफिकेट को जाली घोषित कर दिया। जिसके बाद मंगलवार को शिव कुमार यादव के खिलाफ बुराड़ी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया। उत्तरी जिला के डीसीपी मधुर वर्मा के अनुसार उत्तर प्रदेश में शिव यादव के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी स्थानीय पुलिस से मांगी गई है।
पुलिस को मिले आरोपी के कपड़े : दिल्ली पुलिस ने पहले दिन की पूछताछ में आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव की निशानदेही पर उन कपड़ों को जब्त कर लिया है जिन्हें आरोपी ने वारदात के समय पहन रखा था। पुलिस ने उस परफ्यूम को भी बरामद कर लिया है जिससे साक्ष्य मिटाने के मकसद से कार के भीतर छिड़का गया है। पुलिस ने इन कपड़ों को फारेंसिक टीम को सौंप दिया है जिससे कार के भीतर से मिले नमूनों और इन कपड़ों का मिलान कराया जा सके।
उबेर पर मामला दर्ज : उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला थाने में पुलिस ने उबेर कंपनी के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज कर लिया है। उबेर कंपनी के खिलाफ दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए आईपीसी की धारा 187 और बेवसाइट पर झूठी जानकारी देकर ग्राहकों को गुमराह करने के लिए धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नियमों की अनदेखी : रेडियो टैक्सी 2006 के तहत उल्लेखित स्पेशल ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा अभी तक सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई है। आईएफटीआरटी के एसपी सिंह के अनुसार रेडियाे टैक्सी 2006 के पेज तीन, आइटम छह के तहत रेडियो टैक्सी ड्राइवर को स्पेशल ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य है। बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक रेडियो टैक्सी ड्राइवरों के लिए इस टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
ड्राइवर के अतीत की जानकारी इस टेस्ट का अहम हिस्सा है। रेडियो टैक्सी कंपनियों को लेकर स्पष्ट नियमों के अभाव में रेडियो टैक्सी ड्राइवर निर्धारित नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन कर रहे हैं। इन उल्लंघनों में निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना भी शामिल है। एसपी सिंह के अनुसार पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग और रेडियो टैक्सी कंपनियों के गठजोड़ के चलते रेडियो टैक्सी चालक नियमों का उल्लंघन करने में बिल्कुल नहीं हिचकते हैं।
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