(तीस हजारी कोर्ट में पेशी के बाद दुष्कर्म में आरोपी ड्राइवर शिवकुमार यादव को बाहर लाते पुलिसकर्मी)
नई दिल्ली. दिल्ली में एक युवती से टैक्सी में दुष्कर्म करने का आरोपी ड्राइवर पहले भी एेसे ही मामले में तिहाड़ जेल जा चुका है। अगस्त में ही पुलिस ने उसे चरित्र प्रमाण-पत्र जारी किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस सर्टिफिकेट को फर्जी बताया है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, "आरोपी शिव यादव 2011 में महरौली में दुष्कर्म के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। तब वह सात महीने तिहाड़ जेल में बंद था।" हालांकि आरोपी का दावा है कि वह इस मामले में बरी हो चुका था। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आरोपी को अगस्त में पुलिस वेरिफिकेशन के बाद चरित्र प्रमाण-पत्र जारी किया गया था। इस पर दिल्ली पुलिस के एडीशनल डिप्टी कमिश्नर के दस्तखत हैं। इस बारे में दिल्ली पुलिस के प्रमुख बीएस बस्सी ने बताया कि यह सर्टिफिकेट फर्जी है। क्योंकि उस पर जिस अफसर का नाम है, वह अगस्त में वहां तैनात नहीं था। पुलिस ने कैब कंपनी यूबर पर भी धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
ऐप के जरिए गुमराह कर रही है यूबर : दिल्ली सरकार
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने यूबर कंपनी को प्रतिबंधित कर काली सूची में डाल दिया है। उसने कहा है कि कंपनी अपने ऐप आधारित सुविधा के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है। करीब 2,480 अरब रुपए मूल्य की यह कंपनी अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से संचालित होती है। यह
स्मार्टफोन ऐप के जरिए कैब बुकिंग करती है। लेकिन तकनीक में सुरक्षा खामियां हैं। इस कारण नीदरलैंड में इस कंपनी की ऐप बुकिंग पर रोक लग चुकी है। कंपनी कैब में सफर करने वालों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा तवज्जो का दावा करती है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूबर के पास अपनी कारें और ड्राइवर नहीं हैं। दुष्कर्म के आरोपी की भी खुद की कार थी। उसे कंपनी से बुकिंग की जानकारी मिली थी।
इस तरह की बुकिंग वाली कारों में जीपीएस सिस्टम होना जरूरी नहीं है। कंपनी इस तरह सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका में है। हालांकि, दुष्कर्म की घटना पर कंपनी के सीईओ ट्रेविस कैलेनिक ने कहा, "भारत की परिवहन लाइसेंसिंग प्रणाली में गड़बड़ी है। इसमें ड्राइवरों की पृष्ठभूमि जांचने की कोई व्यवस्था नहीं है।"
आरोपी बोला- गलती हो गई, क्या करूं?
दिल्ली में 27 वर्षीय युवती से यूबर कैब के ड्राइवर ने शुक्रवार देर रात दुष्कर्म किया था। युवती गुड़गांव में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है। आरोपी शिव यादव को सोमवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उसने मीडिया के सवालों पर कहा, "मुझसे गलती हो गई, मैं क्या करूं?" मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंबिका सिंह ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
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सभी फोटो- भूपिंदर सिंह