नई दिल्ली. अरविंद
केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 96% सीटें जीती हैं। दिल्ली में इस तरह का रिकॉर्ड पहली बार बना है। लेकिन यह देश की चौथी बड़ी जीत है। इससे पहले सिक्किम में तीन बार यह रिकॉर्ड बन चुका है। 1989 में यहां पहली बार सिक्किम संग्राम पार्टी ने 32 में से 32 सीटें जीती थीं। 2004 में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने वहां 32 में से 31 सीटें जीती थीं। 2009 में बची एक सीट भी जीत ली और सक्सेस रेट 100% कर लिया। अन्य राज्यों में भी ऐसे ही रिकॉर्ड बन चुके हैं।
सिक्किम के वोटर्स ने तीन बार किया कमाल
विधानसभा चुनाव में किसी विजेता दल के सबसे ज्यादा सीटें जीतने का रिकॉर्ड सिक्किम में ही बना है। यहां 1989 में नरबहादुर भंडारी की सिक्किम संग्राम पार्टी ने सभी 32 सीटें जीत लीं। भंडारी लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद पवन चैमलिंग की सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 2004 के विधानसभा चुनाव में 32 में से 31 सीटें जीतीं। 2009 में फिर इसी फ्रंट ने सभी 32 सीटें जीत लीं।
तमिलनाडु में भी दो बार 90% से ज्यादा सीटें जीतने का रिकॉर्ड रहा
तमिलनाडु में 1991 में अन्नाद्रमुक ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। यहां राज्य की 234 में से 225 सीटें जीत लीं। सीटों पर सक्सेस रेट 96% रहा। इसके बाद 1996 में कांग्रेस ने द्रमुक के साथ चुनाव लड़ा। दोनों दलों ने इस बार 221 सीटें जीतीं। यानी 94% सक्सेस रेट।
बिहार में जदयू-भाजपा ने भी 85% सीटें जीती थीं
2010 में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा के बीच गठबंधन हुआ था। दोनों दलों ने 243 में से 206 सीटें जीतीं। सक्सेस रेट 85% रहा।
लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी के नाम है रिकॉर्ड
लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने का रिकॉर्ड राजीव गांधी के नाम है। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में राजीव के नेतृत्व में कांग्रेस ने 545 में से 415 सीटें जीतीं। उनका सक्सेस रेट 76% था।