फोटो: 'पूछो' नाम का यह ऐप गूगल प्ले स्टोेर से डाउनलोड किया जा सकता है।
नई दिल्ली: राजधानी में 26 साल की एक लड़की से रेप के मामले में आरोपी अमेरिकी टैक्सी सर्विस उबर के ड्राइवर शिवकुमार यादव को कोर्ट ने 24 दिसंबर तक जेल भेज दिया है। वहीं शिवकुमार के खिलाफ शिकायत करने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी निशा शाह ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर कहा है कि वह ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना चाहती है। इधर, कर्नाटक सरकार ने भी गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद उबर सहित तीन अन्य कैब सेवाओं पर बैन लगाते हुए उन्हें बंद कर दिया है।
आरोपी शिवकुमार यादव को गुरुवार दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट में मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट रविन्द्र कुमार पांडेय की अदालत में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने पुलिस के यह कहने पर कि वह
आगे और पूछताछ के लिए अभियुक्त की और हिरासत नहीं चाहती है, उसे 24 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दिल्ली पुलिस को शाह का ईमेलः
शिवकुमार यादव की
ट्विटर के जरिए शिकायत करने वाली निशा शाह ने दिल्ली पुलिस को ईमेल कर पूछा है कि वह कैसे उबर और ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती है। निशा ने पुलिस ने कानूनी सलाह भी मांगी है। अब दिल्ली पुलिस जवाब तैयार करने में जुटी है और कहा है कि वे चाहें तो ईमेल के जरिए शिकायत भेज सकती हैं, जिसे यहां एफआईआर के तौर पर दर्ज किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस खुद चला रही ऐप बेस्ड सर्विस
उबर के ड्राइवर द्वारा रेप किए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने भले ही सभी
मोबाइल ऐप बेस्ड कैब सर्विसेस पर बैन लगा दिया हो, लेकिन वह खुद इससे मिलती-जुलती सर्विस चला रही है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई एक कंपनी की ओर से पेश इस ऐप का नाम है-'पूछो'। इस साल जुलाई महीने में दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग ने इसे लॉन्च किया था। 'पूछो' नाम का यह ऐप ऑटो रिक्शावालों और ग्राहकों के बीच प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है। यह कुछ वैसी ही है जैसे यूबर, ओला या टैक्सी फॉर श्योर जैसी कंपनियां।
'पूछो' की ऑटोवालों को ग्राहकों से कनेक्ट करा देने के बाद कोई जवाबदेही नहीं है। इसके जरिए ग्राहकों को अपने फोन पर ऑटोवालों के रजिस्ट्रेशन प्लेट नंबर, ड्राइवर के
मोबाइल नंबर और ऑटो की दूरी के डिटेल्स मिल जाते हैं। इसके अलावा, यह ड्राइवर को इंतजार कर रहे ग्राहक की जानकारी मैसेज कर देता है। ठीक वैसे ही, जैसे उबर जैसी कंपनियां यह काम करती हैं। बता दें कि इस मामले में उबर की ओर से चूक पाए जाने के बाद न केवल कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, बल्कि दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इसकी सर्विस पर बैन भी लगा दिया गया। 'पूछो' के पास ऑटो रिक्शा चलाने का परमिट नहीं है और न ही यह ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में यह सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर रजिस्टर है। खुद ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों यह बात कबूली है। डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक, इंटरनेट बेस्ड ट्रांसपोर्ट या टैक्सी सर्विस को पहले ट्रांसपोर्ट विभाग से लाइसेंस लेना होगा, उसके बाद ही वे ऑपरेट कर सकते हैं। उबर को बैन करने का यही आधार भी है।
उबर के अधिकारी पर हमला
उबर के जनरल मैनेजर शैलेश शावलानी पर कांग्रेस विधायक नीतेश राणे के स्वाभिमानी संगठन से जुड़े एक शख्स ने बुधवार को मुंबई में हमला किया। शैलेश पर महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के दफ्तर के बाहर यह हमला हुआ। ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी की वजह से शैलेश को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। शैलेश ने इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं कराई है।