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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल सरकार के प्रस्तावित दिल्ली लोकपाल बिल-2014 के दायरे मुख्यमंत्री, मंत्री, एमएलए, पार्षद और दिल्ली सरकार में काम करने वाले सभी आईएएस, आईपीएस व दानिक्स अधिकारी सहित सभी वरिष्ठ नौकरशाहों को रखा गया है। इसके दायरे में सभी सरकारी कर्मचारियों के अलावा उनके परिजनों को भी शामिल किया गया है। इसमें ठेका कर्मचारी, अस्थाई, आकस्मिक व तदर्थ कर्मचारियों को रखा गया है। यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि इसका नाम जनलोकपाल बिल नहीं है, जिसके लिए अरविंद, अन्ना हजारे के साथ आंदोलन कर चुके हैं।
आईएएस व आईपीएस अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के सर्विस रूल के तहत काम करते हैं और यदि सरकार इन्हें शामिल करना चाहती है तो संसद में सर्विस रूल में संशोधन जरूरी होगा। बहरहाल, सरकार के मंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा है कि बिल का ड्राफ्ट विधि विभाग के पास है और वहां से कानूनी प्रारूप में तैयार होकर शुक्रवार तक मिलने की उम्मीद है, उस दिन कैबिनेट इसे मंजूरी दे सकती है। आप सरकार की ओर से तैयार किए गए दिल्ली लोकपाल बिल में 16 अध्याय हैं।
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