नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले मुसाफिरों के मन में कस्टमर केयर एजेंटों द्वारा किए जाने व्यवहार को लेकर सबसे अधिक टीस नजर आती है। इस बात का खुलासा दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा कराए गए ‘ग्राहक संतुष्टि’ सर्वेक्षण में हुआ है।
इस सर्वेक्षण में दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले 1 लाख 9 हजार 188 मुसाफिरों ने अपनी राय दी है, जिसमें सबसे कम 7.83 की औसत रेटिंग ग्राहक सेवा प्रतिनिधियों के व्यवहार और उनकी सजगता को दी गई है। यह सर्वेक्षण डीएमआरसी नेटवर्क के उन 22 स्टेशनों पर किया गया था, जहां से सर्वाधिक मुसाफिरों का आवागमन होता है।
सर्वेक्षण में मुसाफिरों ने 8.24 रेटिंग के साथ सर्वाधिक संतुष्टि मेट्रो स्टेशन पर मिलने वाली सूचनाओं पर जाहिर की है। इसके बाद मेट्रो पर यात्रा के लिए 8.13, स्मार्ट कार्ड की सुविधा आैर इसकी विशेषताओं के लिए 8.08 और मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा के लिए 8.0 औसत रेटिंग दी गई है।
सर्वेक्षण में उत्तर देने वालों में 73 प्रतिशत पुरुष मुसाफिर थे जबकि 27 फीसदी महिलाएं थीं। जिसमें से करीब 60 फीसदी कार्यालय जाने वाले और व्यावसायिक थे। जबकि 28 फीसदी छात्रों ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिए है। इसमें 19 और 30 वर्ष के बीच आयु समूह वाले अधिकांश उत्तर दाताओं की संख्या 70 प्रतिशत रही, जबकि 31 और 50 वर्ष के बीच आयु समूह वाले उत्तर दाताओं की संख्या 21 प्रतिशत थी जो दूसरा सबसे बड़ा समूह रहा।
डीएमआरसी के प्रवक्ता के अनुसार सर्वेक्षण मेट्रो की उपलब्धता, पहुंच, जानकारी, सेवा की गुणवत्ता, ग्राहक सुविधा, आरामदेह होना, सुरक्षा और निरापदता सहित मेट्रो परिचालनों के विभिन्न महत्वपूर्ण पक्षों को ध्यान में रखकर किया गया था। सर्वेक्षण के दौरान सामने आए निष्कर्षों को जमीनी हकीकत में तब्दील करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों को सुधारात्मक कार्य शुरू करने का अनुदेश दिया जा चुका है।
अतिक्रमण और भिखारियों को लेकर भी मुसाफिर नाराज
सर्वेक्षण में उपशीर्षक के जरिए मुसाफिरों की उन समस्याओं को जानने का भी प्रयास किया गया था। जिसको लेकर वे सर्वाधिक आहत नजर आते हैं। इस उपशीर्षक के तहत सर्वाधिक मुसाफिरों ने मेट्रो स्टेशनों के इर्द गिर्द घूमने वाले भिखारी और अतिक्रमण को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इससे मुसाफिरों को असुविधा होती है।