'डॉक्टर मरीजों की जान को जोखिम में डालने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं'

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। राजधानी के एक उपभोक्ता मंच ने कहा कि ‘लालच’ की वजह से मेडिकल पेशा प्रभावित हुआ है और इसके लिए डॉक्टर मरीजों की जान को जोखिम में डालने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। उपभोक्ता अदालत ने शहर के एक अस्पताल और उसके दो डॉक्टरों को गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही बरतने के लिए उसे ढाई लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।

पूर्वी दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निपटान मंच ने कहा कि जैन चैरिटेबल अस्पताल और उसके दो डॉक्टरों नूपुर पागोर और अजय जैन ने 24 वर्षीय महिला के मां बनने की संभावना को प्रभावित किया, जिसे कोई भी मुआवजा वापस नहीं कर सकता।

एनए जैदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘इन दिनों देखा जा रहा है कि मेडिकल का पेशा जिसे मानवता की सेवा के लिए सबसे उत्तम माना गया है वह लालच से प्रभावित है। अस्पताल और डॉक्टर मरीज की जान जोखिम में डालने से भी नहीं हिचकिचाते हैं।’