नई दिल्ली. दिल्ली के पटेल नगर स्थित जानकी दास कपूर मेमोरियल अस्पताल में एक मरीज के पेट में ऑपरेशन के दौरान पट्टी छोड़ देने के मामले में दिल्ली मेडिकल काउंसिल ने आरोपित डॉक्टर की रजिस्ट्रेशन तीन महीने के लिए कैंसल कर दिया है और इस बाबत डायरेक्टेरेट हेल्थ सर्विसेज को सूचित कर दिया है। अप्रैल, 2012 में राजरानी नामक महिला के पेट में इंफेक्शन हो गया था, जो कि पूरे शरीर में फैल गया था। महिला के परिजनों ने मरीज को जानकी दास कपूर मेमोरियल अस्पताल में डॉ.रुपिदंर सिंह को दिखाया। मामला गंभीर होने की वजह से डॉ. रुपिंदर सिंह ने 4 अप्रैल 2012 को महिला का आपातकालीन ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद महिला को आराम मिलने के बजाय उसके पेट में सूजन हो गया।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में हुआ खुलासा
महिला के पेट में सूजन बढ़ने की वजह से परिवार वालों ने उसे दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में दिखाया, वहां पर जांच के दौरान पता चला कि महिला के पेट में पट्टी (गॉज पीस) छोड़ दिया गया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला का ऑपरेशन करके गॉज पीस को निकाला। इस मामले में महिला के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ रंजीत नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
3 महीने के लिए रजिस्ट्रेशन कैंसिल
डीएमसी के रजिस्ट्रार डॉ.गिरिश त्यागी के मुताबिक पुलिस से प्राप्त शिकायत पर दिल्ली मेडिकल काउंसिल ने आगे की जांच कार्रवाई शुरू कर दी। 27 अगस्त 2014 को आयोजित दिल्ली मेडिकल काउंसिल की बैठक में डॉ.रुपिन्दर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्टे्रशन को तीन महीने तक कैंसल करने का फैसला किया गया। डॉ.त्यागी का कहना है कि इस मामले मे डायरेक्टोरेट हेल्थ सर्विसेज को सूचित कर दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई हेल्थ सर्विसेज को करना है।