नई दिल्ली. दिल्ली परिवहन निगम की बसों से पिछले 10 वर्षों में हुई दुर्घटना में 787 लोगों की जान चली गई और 2678 लोग घायल हो गए। डीटीसी के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2013 से अप्रैल 2014 के बीच 63 लोगों को कुचल दिया गया और 184 लोग जख्मी हो गए। इस दौरान डीटीसी बसों से दुर्घटना के 225 मामले हुए जिनमें से 33 दुर्घटनाएं लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुईं ।
आंकड़ों के मुताबिक,‘2012-13 के दौरान डीटीसी बसों के कारण दुर्घटना के 251 मामले हुए जिनमें 68 लोगों की मौत हो गई और 229 जख्मी हो गए। इनमें से 39 मामले लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुए ।’
आंकड़ों के मुताबिक, ‘इनके अलावा डीटीसी बसों से 77 लोगों की मौत हुई और 274 लोग जख्मी हो गए। 2011-12 के दौरान 264 दुर्घटनाएं हुईं और इनमें से 80 दुर्घटनाएं लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुईं।’इस वर्ष जनवरी में कथित रूप से फर्जी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले डीटीसी के 600 चालकों पर सूचना आयुक्त एम.श्रीधर आचार्युलू ने वर्णांधता के आरोप लगाए थे।