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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। डीयू देश की पहली ऐसी सेंट्रल यूनिवर्सिटी बन गई है, जहां ग्लोबल अप्रोच वाले चार वर्षीय स्नातक कोर्सेज पढ़ाए जाएंगे। खास बात यह है कि चीन के विश्वविद्यालयों में भी चार वर्षीय स्नातक कोर्स पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा साउथ अफ्रीका और अमेरिका की कई नामचीन यूनिवर्सिटीज में चार वर्षीय स्नातक कोर्स लागू है।
कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने कहा कि वह भी वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को देखते हुए नई कौशल दक्षता वाले पाठ्यक्रम आधारित चार वर्षीय स्नातक कोर्स छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं। वक्त की इस जरूरत को विवि के शिक्षाविदों ने समझा और फाउंडेशन कोर्स और ग्लोबल एप्रोच वाले एप्लाइड कोर्स सिलेबस तैयार किए। जिससे प्राध्यापकों के साथ-साथ छात्रों को भी अच्छी जॉब अपॉरच्युनिटी मिलेगी।
वरिष्ठ प्राध्यापक बताते हैं कि उनका विरोध इस बात को लेकर है कि यह बहुत ही जल्दी लाया जा रहा है। जिसे एक साल टालना चाहिए। देश के अन्य विश्वविद्यालयों में तीन वर्षीय स्नातक कोर्स पढ़ाए जाते हैं, जो यूनाइटेड किंग्डम (यूके) मॉडल पर आधारित है। जबकि अमेरिकन और यूरोपीयन देशों के विश्वविद्यालयों में चार-वर्षीय स्नातक मॉडल को अपनाया गया है।
दिल्ली सरकार के आंबेडकर विवि में भी चार वर्षीय स्नातक है। यहां के कुलपति प्रो. श्याम बी. मेनन बताते हैं कि उनके यहां चार वर्षीय स्नातक यूरोपीयन मॉडल पर आधारित है। जहां तीन साल का कॉमर्स ऑनर्स पूरा करने के बाद चौथे साल गणित की पढ़ाई करता है तो उसे दो ऑनर्स की डिग्री दी जाती हैं। यह यूरोपीयन मॉडल है। जबकि डीयू द्वारा अपनाया गया मॉडल अमेरिकन है।
नए कोर्स के विरोध में डूटा की आम सभा आज
नई दिल्लीत्नचार वर्षीय स्नातक कोर्स के विरोध में डूटा ने रविवार को जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई है। डूटा बैठक में नए कोर्स पर रोक लगाने की सरकार से अपील करेगा। डूटा के उपाध्यक्ष डॉ. हरीश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सभी से लिखित में हम अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
हमारी सरकार से मांग है कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति में रिफॉर्म करे। क्योंकि डीयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसमें किसी की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और न ही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने दिया जाएगा।
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