नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चारों सीटों पर जीत हासिल की है। एबीवीपी के मोहित नागर को अध्यक्ष, प्रवेश मलिक को उपाध्यक्ष, कनिका शेखावत को सचिव और आशुतोष माथुर को संयुक्त सचिव पद के लिए चुना गया है। पिछले 18 साल के दौरान पहला मौका है जब एबीवीपी को डूसू चुनावों में चारों सीटों पर जीत हासिल हुई है। एबीवीपी ने पिछले साल के चुनावों की अपेक्षा इस वर्ष के चुनावों में अपना मत प्रतिशत में भी खासी बढ़ोत्तरी की है। चारों सीटों में एबीवीपी और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआई) के उम्मीदवारों के बीच हार जीत का बड़ा अंतर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल के डूसू चुनावों में एबीवीपी ने तीन सीटों पर दर्ज हासिल की थी। जबकि एनएसयूआई सचिव के पद पर अपना कब्जा करने में सफल रही थी।
डूसू चुनाव के मुख्य चुनाव आयुक्त डीएस रावत के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए जीत हासिल करने वाले एबीवीपी के मोहित नागर और निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई के गौरव तुशीर के बीच 914 वोटों का अंतर है। मोहित नागर को कुल 20,718 वोट मिले हैं। जबकि गौरव तुशीर ने 19,804 वोट हासिल किए हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के प्रवेश मलिक ने 21,935 वोट हासिल कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई की मोना चौधरी को 7,859 के अंतर से शिकस्त दी है। मोना चौधरी के पक्ष में कुल 15,649 मतदाताओं ने वैध मतदान किया है। इसी तरह सचिव पद के लिए एबीवीपी की उम्मीदवार कनिका शेखावत ने 3022 वोटों की बढ़त से जीत हासिल की। कनिका चौधरी ने डूसू चुनाव में 18,671 मत हासिल किए हैं। जबकि एनएसयूआई के अमित सिद्धू तीमा को 15,649 वोट हासिल हुए हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 के डूसू चुनाव में अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद के लिए सात-सात उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए छह और सचिव पद के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में थे। शुक्रवार को हुए मतदान में दिल्ली विश्वविद्यालय के करीब 43 प्रतिशत छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
भाजपा अध्यक्ष ने दी ट्वीट से बधाई
डूसू चुनावों में जीत हासिल करने वाले एबीवीपी के चारों उम्मीदवारों को भाजपा अध्यक्ष
अमित शाह ने ट्वीट करके बधाई दी है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि “मैं डूसू चुनाव में सभी चारों पदों पर जीत हासिल करने के लिए एबीवीपी को बधाई देता हूं। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों एवं कार्यकर्ताओं को इसका श्रेय जाता है।“
परिवर्तन का सूचक है एबीवीपी की जीत
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने डूसू चुनावों में चारों पदों पर एबीवीपी की जीत को परिवर्तन का सूचक बताया है। उनका कहना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के सबसे प्रतिभावान छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। एबीवीपी की विजय दर्शाती है कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का शासन परिवर्तन का सूचक मानती है। इसी परिवर्तन के चलते छात्रों ने एबीवीपी प्रत्याशियों को ऐतिहासिक मतों से विजय दिलाई है।
संयुक्त सचिव पद पर आशुतोष की सर्वाधिक अंतर से जीत
2014 के डूसू चुनावों में सर्वाधिक अंतर से जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार का सेहरा एबीवीपी के आशुतोष माथुर के सिर बंधा है। संयुक्त सचिव पद के लिए आशुतोष माथुर ने सर्वाधिक 11,068 के अंतर से एनएसयूआई के उम्मीदवार अभिषेक चौधरी को शिकस्त दी है। डूसू चुनाव में आशुतोष माथुर के पक्ष में 23,133 वोट और अभिषेक चौधरी के पक्ष में 12,065 वोट हासिल किए हैं।
एफवाईयूपी बनी जीत की सबसे बड़ी वजह
एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव रोहित चहल ने अनुसार केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद छात्रों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्हें अपनी उम्मीदें अब पूरी होते हुए दिख रही हैं। एबीवीपी ने चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम एफवाईयूपी को खत्म कराने में अपनी सक्रिय भूमिका अदा करके डीयू के छात्रों से किया हुआ वादा पूरा किया है। एफवाईयूपी का खात्मा डूसू चुनावों में एबीवीपी की जीत की बड़ी वजह रही है।
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सभी फोटो- भूपिंदर सिंह