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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. बैट्री से चलने वाले ई-रिक्शा को अब सौर ऊर्जा की मदद से भी चलाया जा सकता है। इससे सौर ऊर्जा से चलने वाले ई-रिक्शा की क्षमता में इजाफा होने के साथ ही ई-रिक्शा चालकों को बार बार बैट्री चार्ज करने से भी निजात मिलेगी। हाल में महाराजा पावर नामक कंपनी ने बतौर परीक्षण चार ई-रिक्शा का परिचालन सौर ऊर्जा से किया था। परीक्षण में मिली सफलता के बाद व्यापक स्तर पर बैट्री चलित ई-रिक्शा को सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने की तैयारी में महाराजा पावर है। महाराजा पावर के मैनेजिंग पार्टनर पीयूष चतुर्वेदी का दावा है कि सौर ऊर्जा के जरिए सफलता पूर्वक ई-रिक्शा चलाने का सफल परीक्षण देश में पहली बार किया गया है। अभी तक बैट्री से चलने वाले ई-रिक्शा एक बार चार्ज करने के बाद महज 70 किमी से 80 किमी के बीच चल पाते हैं।
चार से पांच घंटे में इतनी दूरी तय करने के बाद ई-रिक्शा को बैट्री चार्ज करने के लिए दोबारा लगाना पड़ता है। जिसकी बैट्री को चार्ज होने में करीब सात से आठ घंटे से अधिक का समय लगता है। चतुर्वेदी के अनुसार सौर ऊर्जा से चलने वाले ई-रिक्शा की क्षमता 130 किमी से 140 किमी के बीच है। यानी ई-रिक्शा चालक एक बार बैट्री चार्ज करने के बाद करीब आठ घंटे बिना रुके चल सकते हैं। उन्हें दिन में दोबारा बैट्री चार्ज करने के लिए ई-रिक्शा खड़ा करने की जरूरत भी नहीं है। जिन चार रिक्शों में सौर ऊर्जा उपकरण लगाए गए हैं उसके चालकों की क्षमता के साथ आमदनी में भी इजाफा हुआ है। महाराजा पावर ने यह नवीनीकरण दिल्ली-एनसीआर में पहली बार किया है।
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