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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने मंगलवार को निर्णय लिया कि अब दिल्ली की मंडियों के अंदर अपना माल बेचने के लिए आने वाले किसानों को एक फीसदी एंट्री फीस और 6 फीसदी कमीशन नहीं देना होगा। अब यह कमीशन मंडी में बैठे आढ़तियों से लिया जाएगा।
श्रम एवं रोजगार मंत्री गिरीश सोनी ने कहा कि पिछली सरकार ने 28 सितंबर 2010 को 'दी दिल्ली एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट' के बायलॉज नंबर 49 में संशोधन कर आढ़तियों की बजाए किसानों पर 6 फीसदी कमीशन लगा दिया था। इससे किसानों का मंडी में शोषण होने लगा। जबकि कानून में किसानों से कमीशन लेने पर रोक है। हिमाचल के किसानों की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट डबल बेंच में रिट लगाई गई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में किसानों से 6 फीसदी कमीशन लेने को अवैध मानते हुए रद्द कर दिया है।
सोनी ने बताया कि उन्होंने विभागीय बैठक बुलाकर हाईकोर्ट के निर्णय को सभी मंडियों पर लागू करते हुए किसानों को मंडी फीस और कमीशन पर बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि अब भी भाजपा और कांग्रेस के लोग मंडी में किसानों से कमीशन लेने पर रोक नहीं लगा रहे हैं, उलटा हड़ताल करके कीमतें बढ़ाने की धमकी दे रहे हैं। अब तक हुई हेराफेरी के तहत आजादपुर मंडी के चेयरमैन और उपाध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया गया है।
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